सिन्नर तहसील के मौजे गुलवंच में परंपरागत कृषि
विकास योजना (पीकेवीवाई) के अंतर्गत जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसान समूह गठन एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम तहसील कृषि अधिकारी ज्ञानेश्वर नाठे, मंडल कृषि अधिकारी नितीन पगार तथा उप कृषि अधिकारी रणजीत आंधळे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में सहायक कृषि अधिकारी श्रीमती मेघा पेढेकर ने योजना के उद्देश्यों, जैविक खेती के महत्व, रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग, स्थानीय संसाधनों से जैविक खाद एवं जैविक कीट नियंत्रण उपायों की तैयारी तथा जैविक उत्पादों के प्रमाणन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों से समूह के माध्यम से जैविक खेती अपनाने और उत्पादन लागत कम करने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर आत्मा (ATMA) के तालुका तकनीकी प्रबंधक गोकुल जाधव ने पीकेवीवाई योजना के लाभ, किसान समूह गठन की प्रक्रिया, सामूहिक कृषि प्रबंधन, जैविक उत्पादों के मूल्य संवर्धन एवं विपणन की संभावनाओं पर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जैविक खेती पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ कृषि विकास का प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में बिरोबा महाराज किसान उत्पादक समूह के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। किसानों ने योजना से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया। साथ ही किसान समूहों को मजबूत बनाने में सामूहिक सहभागिता के महत्व पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से गुलवंच क्षेत्र के किसानों में जैविक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इस अवसर पर अधिक से अधिक किसानों से पीकेवीवाई योजना से जुड़कर जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया गया।
संवादाता नवनाथ आव्हाड
