निर्जला एकादशी को महिला द्वारा श्री राम मंदिर कुमावत मोहल्ले में एकादशी का उपवास कर भगवान के मंदिर में पानी से भरा हुआ मिट्टी का कलश, नारियल, वस्त्र आम, साबूदाने की खिचड़ी, दक्षिणा आदि भगवान को समर्पित करते हैं महिला द्वारा सुबह से निराहार रहकर यह व्रत किया जाता है धार्मिक मान्यता अनुसार यह व्रत सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है प्राचीन काल में ऋषि मुनि यह व्रत बिना जल और निराहार रहकर निर्जला एकादशी का व्रत करते थे इसीलिए इस व्रत का नाम निर्जला पड़ा श्री राम मंदिर कुमावत मोहल्ले में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर भगवान को नूतन वस्त्र यजमान के पुजारी प्रदीप बैरागी द्वारा धारण किए गए तत्पश्चात मातृशक्ति ने ग्यारस तुलसी माता के भजन प्रस्तुत किए
संवाददाता प्रदीप बैरागी
