श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के कोषाध्यक्ष एवं महामंडलेश्वर स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज का शनिवार रात्रि को हरी शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के सानिध्य में आयोजित हुआ।
अपने संबोधन में स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण लगभग 500 वर्षों के संघर्ष और तपस्या का परिणाम है, जिसे वर्तमान पीढ़ी ने साकार होते देखा है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की पद्धति है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और सनातन मूल्यों के प्रति भाव सदैव जागृत रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है तथा राजस्थान वीरों, संतों और त्याग की भूमि रही है। संतों की प्रेरणा से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने हिंदुत्व जागरण एवं धर्म प्रचार के क्षेत्र में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन के कार्यों की सराहना करते हुए समाज के प्रबुद्ध वर्ग से धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज ने कहा कि संतों के आगमन से आश्रम की शोभा बढ़ती है। कार्यक्रम के पश्चात स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ने आश्रम स्थित भगवान श्रीचंद्र जी, यज्ञशाला, चार समाधि एवं हरि सिद्धेश्वर महादेव के दर्शन कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
इस अवसर पर पंचमुखी दरबार के श्री महंत लक्ष्मण दास त्यागी, महंत बृजमोहन दास जी महाराज सहित बड़ी संख्या में संत, प्रबुद्धजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
