कार्यो में लापरवाही से तीन लेखपालों का बेतन रोका गया तथा छः अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा गया डा दिनेश तिवारी
बीकापुर तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शशांक तिवारी तथा विधायक डॉ अमित सिंह चौहान , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा क्षेत्र की जनता के समस्याओं को सुना गया है। जिसमें राजस्व, बिजली, सड़क ,राशन कार्ड, पेंशन, अतिक्रमण ,सहित अनेक विभागों से संबंधित मामले हुए पेश। कई मामलों में डीएम की नाराजगी झलकीं। मातहतों को कार्य मे लापरवाही बरतने पर कड़ी फटकार लगाई है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं तथा पुरुषों की लंबी लाइन लगी रही। लाइन में लगे फरियादियों में आधे से अधिक लोग जिलाधिकारी के पास तक पहुंच ही नहीं सके हैं।समाधान दिवस में भी बिजली का आना जाना लगा रहा जिससे फरियादियों और अंन्दर में बैठे समस्या सुन रहे कर्मचारियों को गर्मी की परेशानी क्षेलनी पड़ी है।भीषण गर्मी से बेपरवाह ग्रामीण डीएम के समक्ष पेश होकर अपनी समस्याएं सुनाने के लिए लाइन में लगे बेताब देखे जा रहे थे। एसडीम श्रेया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ,क्षेत्रा अधिकारी ,इंस्पेक्टर बीकापुर, तारुण इंस्पेक्टर ,जिला पूर्ति अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, सहित सभी विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे हैं। तीन लेखपालों द्वारा कार्य में लापरवाही बढ़ाने पर इनका वेतन रोक दिया गया है। जिसमें प्रमुख रूप से अभिषेक भारती ,अतुल सिंह ,राकेश सिंह आदि लेखपाल शामिल हैं। जिलाधिकारी के तहसील समाज समाधान दिवस में आने की जानकारी लोगों को होने पर 350 फरियादियों ने अपनी शिक़ायत जिला अधिकारी के पास तक पहुंचाई है। जिसने से 42 शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया है। जबकि आधे से अधिक शिकायत कर्ता लाइन में ही रह गया। काफी शिकायत कर्ताओं को काफी समय के बाद यह विश्वास था कि जिला अधिकारी के पास तक मेरी बात पहुंच गई तो समस्या का निदान होना संभव हो जाएगा। समाधान दिवस में आधे दर्जन अधिकारियों के ना रहने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिसमें प्रमुख रूप से मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बीकापुर,सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सहायक अभियंता/अपर अभियंता जल निगम,सहायक अभियंता/अपार अभियंता नलकूप,मत्स्य विभाग,जिला दिव्यांग बोर्ड अधिकारी अयोध्या आदि 6 लोगों से स्पष्टी करण मांगा गया है।
