छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जिले में “बस्तर मुन्ने” (अग्रणी बस्तर) अभियान के तहत नारायणपुर एवं ओरछा विकासखंड के ग्राम पंचायतों में विशेष संतृप्तता शिविरों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों में निवासरत पात्र ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें त्वरित लाभ उपलब्ध कराना है।
जिले में आयोजित शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, श्रम पंजीयन, बैंक खाता, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, महतारी वंदन योजना, स्वास्थ्य जांच, पोषण सेवाएं तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहकर मौके पर ही आवेदन प्राप्त कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रहे हैं।
अभियान के तहत अब तक नारायणपुर एवं ओरछा विकासखंड के खड़कागांव, आदनार, खोड़ गांव, मंडाली, कुतुल, आमासरा, नेलवाड़, पोचावाड़ा, बम्हनी सहित अन्य ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर योजनाओं का लाभ लिया। इसी क्रम में आमासरा में आयोजित विशेष संतृप्तता शिविर में 48 आवेदन, नेलवाड़ शिविर में 39 आवेदन और पोचावाड़ा शिविर में 32 आवेदन प्राप्त हुए और सभी आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
शिविरों में कई ऐसे परिवारों को भी चिन्हित किया गया, जो अब तक विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित थे। ऐसे हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने बताया कि अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में जिले के अन्य ग्राम पंचायतों में भी विशेष संतृप्तता शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कर शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
संवाददाता खुमेश यादव
