Type Here to Get Search Results !

🔴LIVE TV

बाढ आपदा राहत एवं प्रबंधन को लेकर हुई अधिकारियों की बैठक........NN81



वर्षा ऋतु के दौरान अतिवर्षा एवं बडे जलाशयों से नदियों में पानी छोडे जाने के कारण बाढ की स्थिति निर्मित होने पर बचाव एवं राहत प्रबंधन के लिए कलेक्‍टर श्री मृणाल मीना की अध्‍यक्षता में 29 मई को अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई और इसमें आवश्‍यक दिशा निर्देश दिये गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक सराफ, अपर कलेक्‍टर  जीएस धुर्वे, डीपी बर्मन, डिप्‍टी कलेक्‍टर  प्रदीप कौरव, एसडीएम  गोपाल सोनी एवं बाढ आपदा प्रबंधन से जुडे सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं जनपद सीईओ वीडियों कांफ्रेंस के माध्‍यम से इस बैठक में उपस्थित थे।


बाढ प्रभावित ग्रामों की जानकारी


बैठक में बताया गया कि वैनगंगा, घिसर्री, देवनदी, सोननदी, मानकुंवर, चंदन, बाघ, महकारी,  नदी में बाढ आने से बालाघाट तहसील के मगरदर्रा, तुमडीटोला, रोशना, टवेझरी, जागपुर, कुम्‍हारी, खैरी, बूढी(ढीमरटोला), गायखुरी, हीरापुर, अमेडा, चिचगांव, भमोडी, गोंगलई, भानपुर, खुटिया, कटंगी, लिंगा, देवरी, हट्टाटोला, छिंदगांव, मंगोलीकला, नेवरगांव कला, धडी, भालेवाडा, चरेगांव, घंघरिया, बकवाडा, देवसर्रा, सकरी, तीनगढी, नगरवाडा, वारासिवनी तहसील के ग्राम दीनी, पुनी, सिकंद्रा, किरनापुर तहसील के ग्राम बटरमारा, खारा, बोडुंदाकला, देवगांव, परसवाडा, कोस्‍ते, कटंगी, मुर्री, बक्‍कर, नीलागोंदी, बम्‍हनवाडा, मुण्‍डेसरा, मुरकुटा, जामडी, ढोरिया-परसवाडा, बिनोरा, कडकना, बोरगांव, पल्‍हेरा, अकोला, गुवा, पिपलगांव, पौनी, सर्रा, मौदा, बगडमारा, कोहका, लांजी तहसील के ग्राम टेमनी, कोचेवाही, बडगांव, दुल्‍हापुर, पौसेरा, देवरबेली, नेवरवाही, बेलगांव, देवलगांव, लोडामा, बहेला, ठेमा, अमेडा, मिरिया, टेकेपार, कारंजा, दहेगांव, कटंगी, रिसेवाडा, अंधियाटोला, खैरलांजी तहसील के ग्राम चिचोली, कुम्हली, मानेगांव, मोवाड, किन्‍ही, टेमनी, सावरी, अतरी, चुटिया, डोंगरिया, गुनई, घोटी, फुटारा, लावनी एवं  लालबर्रा तहसील के ग्राम धपेरा प्रभावित होते है।


कंट्रोल रूम की स्थापना एवं व्यवस्था


            बैठक में बताया गया कि बाढ आपदा नियंत्रण एवं राहत के लिए कलेक्‍ट्रेट कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 07632-240102 है। इसके साथ ही सभी तहसील स्‍तर पर भी कंट्रोल रूम बनाये गए है। यह सभी कंट्रोल रूम 01 जून से 24 घंटे चालू रहेंगे। कंट्रोल रूम में अलग अलग शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी जाएगी।


वर्षा ऋतु से पूर्व पुल-पुलियों की मरम्मत एवं सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश


            बैठक में कलेक्‍टर द्वारा निर्देशित किया गया कि वर्षा ऋतु के पूर्व सभी संबंधित विभाग क्षतिग्रस्‍त पुल पुलियों की मरम्‍मत एवं सुधार कार्य करवा ले। वर्षा के दिनों में जिन पुल पुलियों पर बाढ का पानी आ जाता है, वहॉं पर बाढ की स्थिति में पुल पार न करने संबंधी नोटिस बोर्ड या सूचना पटल अनिवार्य रूप से लगाया जाए। इसके साथ ही बाढ की स्थिति में ऐसे पुल पुलियों के दोनो ओर बेरिकेट लगाकर आवागमन को रोकने की व्‍यवस्‍था की जाए और उसके लिए स्‍थानीय स्‍तर पर कर्मचारी नियुक्‍त किया जाए। नगरीय क्षेत्रों में वर्षा एवं बाढ की स्थिति में कहीं भी जल भराव न हो इसके लिए नालों एवं नालियों की सफाई करने एवं जल निकासी के मार्ग पर किये गए अतिक्रमण को सख्‍ती से हटाने के निर्देश दिये गए।


राहत शिविर एवं बचाव कार्यों की तैयारी करने के निर्देश


            बैठक में निर्देशित किया गया कि बाढ एवं आपदा की स्थिति में बचाव राहत के लिए कोई भी व्‍यक्ति कंट्रोल रूम में मदद के लिए सम्‍पर्क कर सके इसके लिए जिला एवं तहसील स्‍तरीय कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहना चाहिए। बाढ की स्थिति में जिन ग्रामों में पानी भर जाता है और वहां के लोगो को अन्‍य स्‍थान पर शिफ्ट करना पडता है इसके लिए ऊंचे स्‍थानों पर भवन चिन्हित करने कहा गया। प्रभावित लोगो के लिए राहत शिविर चलाने, राशन एवं अन्‍य सामग्री की व्‍यवस्‍था करने कहा गया। बाढ की स्थिति में बचाव एवं राहत के लिए होमगार्ड के जवानों की टीम जिले के विभिन्‍न मुख्‍य स्‍थलों पर तैनात रखने कहा गया। इसके साथ ही सभी तहसीलों में स्‍थानीय स्‍तर पर बचाव एवं राहत के लिए तैराक एवं गोताखोर चिन्हित करने के निर्देश दिये गए। वर्षा ऋतु में पहुंच विहिन ग्रामों के लिए तीन माह के खाद्यान्‍न का अग्रिम भण्‍डारण करने के निर्देश दिये गए।


जोखिम वाले स्थलों पर सतर्कता के निर्देश


            बैठक में निर्देशित किया गया कि वर्षा एवं बाढ की स्थिति में कोई भी व्‍यक्ति जोखिम वाले स्‍थानों पर नहाने एवं पिकनिक आदि के लिए न जाए, इसके पुख्‍ता इंतजाम किये जाए। स्‍थानीय स्‍तर पर पंचायत सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक इसके लिए सतर्क एवं सतर्कता से कार्य करने कहा गया। जिले के वनक्षेत्रों में स्थित झरने आदि में कोई भी व्‍यक्ति नहाने न जाए इसके लिए वन विभाग को समुचित कार्यवाही करने कहा गया।


जलाशयों से पानी छोड़े जाने की सूचना समय पर दी जाए


            अतिवर्षा की स्थिति में बडे जलाशयों से नदियों में पानी छोडे जाने की सूचना समय पर प्रभावित होने वाले ग्रामों तक पहुंचाने की व्‍यवस्‍था करने कहा गया। इसके लिए कंट्रोल रूम एवं सभी संबंधित विभागों को आपस में समन्‍वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये गए। जिससे सूचनाओं का त्‍वरित आदान प्रदान हो सके।


सांप काटने पर झाडफूंक न कराये तत्‍काल अस्‍पताल जाए


 वर्षा ऋतु के दौरान सांप काटने की घटनाओं को देखते हुए लोगो को झाडफूंक एवं पंडेपुजारी के चक्‍कर में न पडकर तुरंत अस्‍पताल पहुंचने के लिए जागरूक करने कहा गया। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिले के दूरस्‍थ क्षेत्रों के प्रमुख स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रो में एंटी स्‍नेक वेनम के पर्याप्‍त डोज उपलब्‍ध रखे। इसी प्रकार वर्षा के दिनों में कुओं में जहरीली गैस से दम घुटने के कारण मौत होने की घटनाऍ होती है, इसकी रोकथाम के लिए किसानों एवं ग्रामीणों को कुऍ में जहरीली गैस की जांच के बाद ही उतरने के लिए जागरूक करने कहा गया।

खेमराज सिंह बनाफरे 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Advertisement

#codes