लोकेशन छत्तीसगढ़ जिला कोंडागांव जिला संवाददाता प्रहलाद कुमार सिन्हा
3 प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन
पिछड़ा वर्ग समाज की तीन प्रमुख मांगों में 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करना, जनगणना में पिछड़ा वर्ग की जातिगत गणना के लिए अलग उल्लेख करना और पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में लागू पेसा कानून में पिछड़ा वर्ग को शामिल करना शामिल है। इन मांगों को लेकर समाज पहले भी अभियान और बैठकों के जरिए सरकार का ध्यान आकर्षित करता रहा है।
समाज के पदाधिकारियों का
कहना है कि जातिगत आंकड़े सामने आने से विभिन्न सामाजिक वर्गों की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा और इसके आधार पर योजनाओं तथा नीतियों के निर्धारण में भी मदद मिलेगी।
बस्तर में पेसा कानून में पिछड़ा वर्ग को शामिल करने की मांग को लेकर शनिवार को कोंडागांव में पिछड़ा वर्ग समाज ने बड़ा आंदोलन किया। संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के लोग शहर पहुंचे और अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने शहर के कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही नियंत्रित की|
प्रदर्शन के बाद पिछड़ा वर्ग समाज की ओर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से तीनों मांगों पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया गया।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
पिछड़ा वर्ग समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि बस्तर में रहने वाले OBC समाज को भी अपनी सामाजिक पहचान और अधिकारों के अनुरूप पेसा कानून में स्थान मिलना चाहिए। समाज का कहना है कि बस्तर के विकास में उनकी भी भागीदारी है और अब वे इन मांगों को लेकर प्रदेश स्तर पर आवाज उठाएंगे।
