संवाददाता : नेम सिंह चौहान
रायसेन/भारकच्छ कला
ग्राम भारकच्छ कला स्थित शासकीय बालक माध्यमिक शाला का भवन इस समय गंभीर खतरे के मुहाने पर खड़ा है। स्कूल की इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं और छत से पपड़ी व कंक्रीट झड़ने के कारण हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
एक हॉल, दो पारियां और 139 बच्चों का भविष्य:
विद्यालय में सुविधाओं के अभाव का आलम यह है कि कक्षा 1 से 8 तक के पूरे स्कूल को मात्र एक ही हॉल में संचालित किया जा रहा है।
प्राथमिक स्तर ( कक्षा 1 से 5 )- सुबह की पारी में लगभग 75 विद्यार्थी एक साथ बैठते हैं।
माध्यमिक स्तर (कक्षा 6 से 8): दोपहर की पारी में लगभग 64 विद्यार्थियों की क्लास लगाई जाती है।
एक ही स्थान पर सभी कक्षाओं के बैठने से पढ़ाई की गुणवत्ता और अनुशासन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि स्कूल का कार्यालय (ऑफिस) भी इसी जर्जर और खतरनाक हिस्से में चल रहा है, जिससे शिक्षकों की जान भी दांव पर लगी है।
ग्रामीणों में गहरा आक्रोश-
स्थानीय ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ का कहना है कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षा विभाग को कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया है, लेकिन आज तक न तो मरम्मत कार्य शुरू हुआ और न ही नए भवन की स्वीकृति मिली। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन नहीं जागा और कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।

