मेहगांव की सड़क पर गड्ढों का राज ; अधिकारियों के रोजाना गुजरने के बावजूद बदहाल सड़क नहीं हुई दुरुस्त :
भिंड, मध्य प्रदेश | मेहगांव
मेहगांव शहर में विकास के दावों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। यह वही सड़क है, जहां से प्रतिदिन आम लोगों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी गुजरते हैं, लेकिन लंबे समय से बदहाल पड़ी इस सड़क की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता।
जिस रास्ते की तस्वीर आप देख रहे हैं, उसके आसपास बिजली विभाग, राजस्व विभाग, तहसील कार्यालय, सरकारी कॉलेज, न्यायालय, वन विभाग और उपजेल जैसे महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान मौजूद हैं। इन विभागों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और आम नागरिक पहुंचते हैं। बावजूद इसके सड़क की हालत लगातार सवालों के घेरे में बनी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस सड़क से आम जनता तो गुजरती ही है, वहीं मेहगांव तहसीलदार और एसडीएम का भी प्रतिदिन आना-जाना होता है। न्यायालय के न्यायाधीश भी इसी मार्ग से रोजाना गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क की दुर्दशा को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सड़क की बदहाली बनी परेशानी:
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आने-जाने में भारी परेशानी होती है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। सड़क पर बने गड्ढे और अव्यवस्थित मार्ग दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। यह सवाल केवल सड़क निर्माण का नहीं, बल्कि जवाबदेही का भी है। जब इसी मार्ग पर इतने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय मौजूद हैं और जिम्मेदार अधिकारी प्रतिदिन यहां से गुजरते हैं, तो फिर सड़क की हालत देखकर भी कार्रवाई क्यों नहीं होती?
जनता पूछ रही है—आखिर कब जागेगा प्रशासन?:
मेहगांव के लोगों का सवाल सीधा है—
आखिर यह सड़क कब बनेगी?
इस सड़क का विकास कब होगा?
क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद प्रशासन जागेगा?
सरकार विकास और बेहतर सड़क व्यवस्था की बात करती है, लेकिन मेहगांव की यह तस्वीर जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है। जरूरत है कि संबंधित विभाग इस सड़क का निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करें और लोगों को राहत दी जाए।
विरोध जरूरी है, लेकिन समाधान उससे भी जरूरी:
बदहाल सड़क के खिलाफ आवाज उठाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यह केवल एक सड़क नहीं बल्कि जनता, विद्यार्थियों, सरकारी कर्मचारियों और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है।
अब देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार विभाग कब तक इस सड़क की सुध लेते हैं और कब मेहगांव की जनता को इस बदहाल रास्ते से निजात मिलती है।
सवाल बरकरार है—आखिर जिम्मेदारों की नजर इस सड़क पर कब पड़ेगी और मेहगांव की इस बदहाल सड़क का विकास कब होगा?

