संवाददाता : ऐश्वर्य सुमित मिश्रा
सिवनी। नगर पालिका परिषद सिवनी के पुराने फिल्टर प्लांट में जनता के टैक्स से खरीदी गई करोड़ों रुपये की सामग्री वर्षों से खुले आसमान के नीचे अनुपयोगी पड़ी है। कांग्रेस पार्षद दल ने रविवार को NEWS NATION81 सहित अन्य पत्रकारों को मौके पर ले जाकर दावा किया कि नई-नई मशीनें, वाहन और स्वच्छता उपकरण जंग खा रहे हैं, जबकि उनका उपयोग करने के बजाय लगातार नई खरीदी की जा रही है। पार्षदों ने कार्यवाहक अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर वित्तीय अनियमितताओं और बिना विधिवत प्रोसिडिंग खरीदी एवं भुगतान कराने के आरोप लगाए।
निरीक्षण के दौरान पत्रकारों को सैकड़ों पोर्टेबल एवं मोबाइल शौचालय, महिला एवं पुरुष पेशाबघर, नए डस्टबिन, बच्चों के झूले-फिसलपट्टी, ट्रैक्टर, ट्रैक्टर-ट्रॉली, कचरा वाहन, पूजन सामग्री संग्रहण वाहन, ओपन जिम मशीनें, डेड बॉडी फ्रीजर बॉक्स, स्वर्ग रथ, सीवर सक्शन मशीन, वैक्यूम एम्पटियर, हाइड्रोलिक ब्रूमर (ट्रैक्टर माउंटेड रोड स्वीपर), मिनी जेसीबी विथ ट्रॉली, टिप्पर सहित कई अन्य मशीनें दिखाई गईं। आरोप लगाया गया कि अधिकांश उपकरण कभी उपयोग में ही नहीं लाए गए और अब कबाड़ बनने की स्थिति में हैं।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शफीक खान, पार्षद चंदन खताबिया, पार्षद जोहेब ज़की अनवर, कांग्रेस विमुक्त घुमंतू जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश मानाठाकुर तथा जिला कांग्रेस प्रवक्ता एवं पार्षद राज़ीक अकील ने कहा कि जनता को यह दिखाना जरूरी है कि करोड़ों रुपये की संपत्ति किस प्रकार बर्बाद हो रही है। उनका कहना है कि नालों की सफाई और स्वच्छता कार्यों के लिए खरीदी गई मशीनें वर्षों से बिना उपयोग के खड़ी हैं।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि हाल ही में लगभग 24.45 लाख रुपये की मिनी जेसीबी खरीदी गई, जबकि समान श्रेणी की मशीन की ऑनलाइन कीमत लगभग 15 लाख रुपये दिखाई देती है। उनका दावा है कि मशीन में लोहे के पहिए लगाए गए हैं, जो शहर की सड़कों के लिए अनुपयुक्त हैं। उन्होंने पूरी खरीदी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की
117 प्रस्ताव, लेकिन प्रोसिडिंग नहीं; 3 दिन में 32 लाख का भुगतान होने का आरोप
कांग्रेस पार्षद दल का आरोप है कि 6 जुलाई की परिषद बैठक में 117 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें कई खरीदी प्रस्ताव शामिल थे। नियमानुसार बैठक की प्रोसिडिंग आज तक न तो सूचना पटल पर चस्पा की गई और न ही वित्त अधिकारी को भेजी गई। इसके बावजूद मात्र तीन दिन बाद दादा गुरु कंस्ट्रक्शन को ₹32,08,374 का भुगतान कर दिया गया। पार्षदों ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
"पुराना सामान पड़ा, फिर भी नई खरीदी क्यों?"
पार्षदों का कहना है कि फिल्टर प्लांट में पहले से उपलब्ध करोड़ों रुपये की मशीनों एवं संसाधनों का उपयोग और रखरखाव किया जाए तो नगर पालिका को नई खरीदी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उनका आरोप है कि नगर विकास कार्यों, पार्क, फुटपाथ और नागरिक सुविधाओं पर खर्च होने वाली राशि अनावश्यक खरीदी में खर्च की जा रही है।
(समाचार में वर्णित सभी आरोप कांग्रेस पार्षद दल द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित पक्ष—नगर पालिका परिषद सिवनी, कार्यवाहक अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी—का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

