बिना क्लोरीन मिलाए हो रहा पानी सप्लाई, एक हफ्ते से मशीनें भी बंद, फिल्टर प्लांट पर पहुंचे सांसद प्रतिनिधि हेमंत सोनी व जनप्रतिनिधि :
कसरावद नगर में शुद्ध एवं साफ पेयजल सप्लाई व्यवस्था के लिए बने फिल्टर प्लांट पर ना मशीने चालू है ना पानी की टेस्ट हो रही हैं। फिल्टर प्लांट का निरीक्षण करने पहुँचे जनप्रतिनिधियो ने व्यवस्था सुधारने की बात कही।
बरसात के मौसम में पेयजल में मटमैला पानी आने एवं फिल्टर प्लांट की मशीनें बंद होने की शिकायत पर रविवार को भाजपा नेता एवं सांसद प्रतिनिधि हेमन्त सोनी, पार्षद मोहन वर्मा, जनहितकारी संस्था अध्यक्ष राजेश वराडीया एल्डरमैन जितेन्द्र पाटीदार, संजय वर्मा, सुधीर सराफ फिल्टर प्लांट का निरीक्षक करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया कि नर्मदा जी से आ रहे पानी में फिटकरी को मिक्स करने के लगी मशीन बंद थी। फिटकरी की सिल्ली को पाइप से सीधे आ रहे पानी में रखी हुई थी,जो अपने आप घुलकर पानी में मिल रही थी। इससे फिटकरी की मात्रा का कोई पैमाना नहीं था कि कितने पानी में कितनी मिल पा रही है। वही पानी के बीच लगी फिल्टर करने वाली मशीन विगत 15 दिनों से बंद थी। मोटर खराब होने के कारण चल नहीं पा रही थी। इसके साथ ही पानी फिल्टर करने के लिए लगे बेड में ग्रेवल पत्थर तीन वर्ष से भी अधिक समय से बदले नहीं गए थे। इसे लेकर जनप्रतिनिधियो ने नाराजगी जताई।
बिना क्लोरीन के पानी सप्लाई, लेब टेस्ट भी नहीं हो रहे
पानी साफ करने के लिय मिलाये जाने वाले क्लोरीन को लेकर इंचार्ज अभय यादव से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि क्लोरीन मिलाने से स्माइल आती हैं। इसलिए नहीं मिलाते। जब उनसे कहा कि बरसात के मौसम में मटमैला और गंदा पानी आता है। उससे बीमारियों का खतरा रहता है। क्लोरीन पावडर मिलाने से पानी साफ स्वस्छ होता हैं। अगर स्माइल की दिक्कत है तो उसे कम मात्रा में मिलाया जाये। लेकिन बिल्कुल भी ना मिलाना तो गलत है। इससे नगरवासियों के स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा। वही पानी की शुद्धता जाँचने के लिय बनी लेब में विगत एक हफ्ते से पानी की जांच भी नहीं की गई। जबकि नियमानुसार दोनों समय पानी का टेस्ट होना चाहिए। बिना जांचे ही पानी की सप्लाई हो रही है। I इन अव्यवस्थाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर कर इसे सुधारने की बात कही।
बरसात में दूषित पानी से महामारी फैलने का खतरा रहता है। मटमैले पानी आने एवं फिल्टर प्लांट को लेकर भी शिकायत आई थी। रविवार को निरीक्षण किया तो अवस्थाएँ पाई गई। अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिये।

