गाडरवारा में डॉ. बी.के. सुनीता दीदी ने युवाओं एवं मातृशक्ति को दिया सकारात्मक जीवन का संदेश:
गाडरवारा। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू से पधारीं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका, अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता एवं 100 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित राजयोगिनी डॉ. बी.के. सुनीता दीदी जी के सानिध्य में ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपवन भवन, गाडरवारा में विशेष प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “सकारात्मक रहो, चाहे कुछ भी हो” एवं “शिव शक्ति लीडरशिप एप्रोच” रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत परमात्मा शिव की स्मृति एवं पूजन अर्चन हुई। सभी मेहमानों का ब्रह्माकुमारी दीदियों ने तिलक, पट्टा, एवं पुष्प गुच्छ से किया।
बाल कलाकारों ने मनमोहक नृत्य द्वारा सभी का स्वागत किया, लघुनाटिका द्वारा भी सकारात्मक और नशा मुक्त रहने का संदेश दिया। ततपश्चात आदरणीय बीके कुसुम दीदी जी ब्रह्माकुमारीज नरसिंहपुर जिला संचालिका ने शब्द सुमन द्वारा सभी मेहमानों का स्वागत किया।
यह कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज के 90 वर्ष पूर्ण होने पर नवदशोत्सव पूर्व मुख्य प्रशासिका श्रद्धेय दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यस्मृति तथा “उठो जगत के वास्ते” युवा संकल्प एवं “10 करोड़ नशा मुक्त भारत प्रतिज्ञा महाअभियान” के अंतर्गत आयोजित सेवा श्रृंखला का हिस्सा रहा।
सकारात्मक सोच ही वास्तविक शक्ति — डॉ. सुनीता दीदी
डॉ. बी.के. सुनीता दीदी जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, हमें अपनी सकारात्मकता नहीं छोड़नी चाहिए। नकारात्मक परिस्थिति में शक्ति नहीं होती, बल्कि आत्मा का मूल स्वरूप ही शांति, प्रेम, पवित्रता और सकारात्मकता है।
उन्होंने विभिन्न प्रैक्टिकल एक्टिविटीज के माध्यम से समझाया कि नकारात्मक विचारों का मूल कारण क्या है और उनसे मुक्त होने के लिए परिस्थिति को साक्षी भाव एवं न्यारेपन से देखने की आवश्यकता है। आत्मिक स्थिति और परमात्मा की स्मृति के माध्यम से मन को शक्तिशाली बनाकर हर परिस्थिति में सकारात्मक एवं स्थिर रहा जा सकता है।
दीदी जी ने उपस्थित मातृशक्ति एवं समाज के प्रबुद्धजनों को मानसिक दृढ़ता, एकाग्रता, आत्मविश्वास तथा सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के सहज और व्यावहारिक उपाय भी बताए।
शिव शक्ति लीडरशिप एप्रोच से सशक्तिकरण का संदेश
कार्यक्रम में “शिव शक्ति लीडरशिप एप्रोच” विषय पर विशेष रूप से मातृशक्ति को संबोधित किया गया। इसमें बताया गया कि आध्यात्मिक शक्ति, सकारात्मक सोच, निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास के साथ महिलाएं परिवार, समाज एवं राष्ट्र निर्माण में प्रभावशाली नेतृत्व प्रदान कर सकती हैं।
राजयोग के अभ्यास के माध्यम से स्वयं को भीतर से शक्तिशाली बनाकर परिस्थितियों को सकारात्मक दिशा देने का संदेश दिया गया।
सकारात्मकता और नशामुक्ति का संकल्प:
कार्यक्रम में युवाओं एवं उपस्थित नागरिकों को जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के साथ-साथ नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने तथा स्वस्थ, संस्कारवान और जिम्मेदार समाज के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
अंत में उपस्थित गणमान्य नागरिकों एवं मातृशक्ति ने ब्रह्माकुमारीज द्वारा चलाए जा रहे “उठो जगत के वास्ते” एवं “10 करोड़ नशा मुक्त भारत प्रतिज्ञा महाअभियान” जैसे सेवा अभियानों की सराहना की।
कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मकता और प्रेरणा से ओत-प्रोत रहा। डॉ. सुनीता दीदी के सहज, प्रभावशाली एवं प्रैक्टिकल मार्गदर्शन ने उपस्थित जनों को यह संदेश दिया कि परिस्थितियां हमारे हाथ में नहीं, लेकिन परिस्थितियों के प्रति हमारा दृष्टिकोण हमारे हाथ में है—इसलिए सदा सकारात्मक रहें, चाहे कुछ भी हो।



