संवाददाता : राजअनिल पोचमपल्लीवार
गडचिरोली जिले के चामोर्शी में प्रसव के दौरान मां और नवजात बच्चे की मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए जिला शल्य चिकित्सक स्तर पर जांच समिति गठित की गई है।
जानकारी के अनुसार, चामोर्शी निवासी 27 वर्षीय जिजा हंसराज सातार को 23 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे प्रसव के लिए ग्रामीण अस्पताल चामोर्शी में भर्ती कराया गया था।
प्रारंभिक जांच में सामान्य प्रसव संभव होने की बात सामने आई। लेकिन सुबह करीब 9 बजे दोबारा जांच करने पर प्रसव में जटिलता की आशंका और गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कन धीमी होने की बात सामने आई।
इसके बाद महिला को सुबह 11 बजे विशेष उपचार के लिए महिला एवं बाल अस्पताल, गडचिरोली रेफर किया गया। रेफर के दौरान एंबुलेंस में डॉक्टर और नर्स भी मौजूद थे।
महिला एवं बाल अस्पताल में जांच के दौरान महिला की हालत गंभीर और जटिल पाई गई। साथ ही बच्चे का सिर फंसे होने की स्थिति सामने आई। डॉक्टरों ने तत्काल आवश्यक उपचार करते हुए प्रसव कराया, लेकिन उस समय नवजात बच्चे को मृत अवस्था में पाया गया।
प्रसव के बाद महिला को अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया, जिससे उसकी हालत और गंभीर हो गई। विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उपचार किया गया और महिला को रक्त के साथ चार यूनिट फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा भी दिया गया।
हालत लगातार बिगड़ने पर महिला को इंट्यूबेशन किया गया और शाम 7 बजकर 30 मिनट पर आगे के उपचार के लिए सामान्य अस्पताल, गडचिरोली में भर्ती कराया गया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उपचार और सोनोग्राफी की गई, लेकिन इलाज के दौरान रात 9 बजकर 50 मिनट पर महिला की मौत हो गई।
जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाडे ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है। समिति घटनाक्रम और सभी संबंधित पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट जल्द आने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

