संवाददाता : मोहम्मद इस्लाम
पिड़ावा, 5 अगस्त। पिड़ावा में बुधवार को मानवता और संवेदनशीलता की प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। चाइनीज मांझे की चपेट में आने से दो कबूतर गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे तड़प रहे थे। मांझा उनके पैरों में बुरी तरह फंस गया था, जिससे दोनों कबूतर उड़ने में असमर्थ हो गए थे और उनके पैरों से खून बह रहा था।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे पहलवान सिंह सिसोदिया की नजर घायल कबूतरों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत दोनों कबूतरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और दिनेश जोशी और अजीजुद्दीन की मदद से बड़ी सावधानी से उनके पैरों में फंसा चाइनीज मांझा निकाला। एक कबूतर का पैर अधिक घायल होने के कारण उसके घाव पर नारियल का तेल लगाकर प्राथमिक उपचार किया गया। उपचार के बाद दोनों कबूतरों को सुरक्षित रूप से खुले आसमान में उड़ाकर आजाद कर दिया गया।
इस मानवीय कार्य की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए कहा कि बेजुबान पक्षियों और जीव-जंतुओं के प्रति दया, करुणा और संवेदनशीलता ही सच्ची मानवता की पहचान है। उन्होंने लोगों से अपील की कि चाइनीज मांझे का उपयोग न करें, क्योंकि इससे हर वर्ष बड़ी संख्या में पक्षी घायल होते हैं और कई की जान भी चली जाती है।
यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि मानवता केवल इंसानों की सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि बेजुबान जीवों की रक्षा और उनकी मदद करना भी प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है।

