रिपोर्ट : शिव प्रसाद अकेला
शुजालपुर-आष्टा नेशनल हाईवे पर तिलावद जोड़ पर यात्रियों की सुविधा के लिए पंचायत द्वारा लाखों रुपए की लागत से बनाया गया यात्री प्रतीक्षालय अब कथित रूप से दबंग के कब्जे में है। आरोप है कि प्रतीक्षालय पर शटर लगाकर इसे निजी ठिकाने में तब्दील कर दिया गया है। इतना ही नहीं, प्रतीक्षालय के पास रखी दुकान से खुलेआम शराब बेचने और शटर लगे प्रतीक्षालय के अंदर लोगों को शराब पिलाने के आरोप भी ग्रामीणों ने लगाए हैं।
यात्रियों के लिए बना था, अब शराबियों का अड्डा?
ग्रामीणों का कहना है कि यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण राहगीरों और यात्रियों को धूप, बारिश से राहत देने के लिए किया गया था। लेकिन कब्जे के बाद यात्रियों को इसका उपयोग नहीं करने दिया जा रहा है। आरोप है कि शटर लगाकर पूरे प्रतीक्षालय पर कब्जा कर लिया गया है। दिन में भी यहां शराब बिक्री और पिलाने की गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है।
स्कूल पास, जिम्मेदारों की नजर क्यों नहीं?
कथित शराब बिक्री स्थल से कुछ ही दूरी पर निजी स्कूल संचालित है। ऐसे में स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की गतिविधियों से आसपास का माहौल प्रभावित हो रहा है।
चौकी 1 किमी दूर, अधिकारियों का रोज आना-जाना
हैरानी की बात यह है कि तिलावद पुलिस चौकी मौके से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है। नेशनल हाईवे होने के कारण पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का इस मार्ग से रोजाना आवागमन होता है। इसके बावजूद यात्री प्रतीक्षालय पर कथित कब्जे और शराब बिक्री के आरोपों पर कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का सवाल- किसके संरक्षण में चल रहा खेल?
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सार्वजनिक संपत्ति पर खुलेआम शटर लगाकर कब्जा किया जा सकता है और पास में शराब बिक्री के आरोप हैं, तो जिम्मेदार विभाग अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर पाया? ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके की जांच कराने, यात्री प्रतीक्षालय को तत्काल कब्जामुक्त कराने और शराब बिक्री के आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
सार्वजनिक सुविधा पर कब्जा और शराब बिक्री के आरोपों ने जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और यात्रियों के लिए बनाए गए इस प्रतीक्षालय को कब कब्जामुक्त कराया जाता है।

