संवाददाता : बृजेश कुमार पांडेय
नाबालिग पीड़ितों की पहचान सोशल मीडिया पर साझा करना कानूनन अपराध — नरसिंहपुर पुलिस की अपील :
नरसिंहपुर। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए नरसिंहपुर पुलिस ने जिलेवासियों, पत्रकारों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़ितों से जुड़े किसी भी मामले में उनका नाम, फोटो, वीडियो, पता या अन्य पहचान संबंधी जानकारी सोशल मीडिया, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक अथवा किसी भी अन्य माध्यम पर साझा करना कानूनन दंडनीय अपराध है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली किसी भी सामग्री को पोस्ट, शेयर या फॉरवर्ड न करें। साथ ही अपुष्ट जानकारी और अफवाहों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से बचें तथा संवेदनशील मामलों में केवल पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।
नरसिंहपुर पुलिस ने बताया कि पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23 के तहत नाबालिग पीड़ित की पहचान प्रकाशित करना दंडनीय अपराध है। इसके अलावा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 74 के अनुसार भी किसी बालक या बालिका की पहचान उजागर करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने कहा कि नाबालिगों की निजता, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा करना समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी नागरिकों से कानून का पालन करने, जिम्मेदार सोशल मीडिया उपयोगकर्ता बनने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई है।

