संवाददाता : अनिल मालवीय
शिक्षक करते है अपडाउन, नौनिहालों की शिक्षा पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव :
हरदा जिले कि विकासखंड खिरकिया के ।मध्य प्रदेश शासन द्वारा ग्रामीणों क्षेत्र मे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए लाखों रुपए खर्च कर शिक्षकों को उच्च वेतन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के बावजूद के गुणवत्ता युक्त शिक्षा नहीं मिल रही है।कई विद्यालयों जिनमें सैकड़ों बच्चे दर्ज है किंतु या वह विद्यालय शिक्षक विहीन या अतिथि शिक्षक विद्यालय संभाल रहे है।किंतु ग्राम बाफला प्राथमिक शाला में कक्षा 1 से 5 तक प्राथमिक विद्यालय है जिसमें में दो शिक्षक पदस्थ होने के बाबजूद महज 17 बच्चे दर्ज है।इसका मुख्य कारण शिक्षकों का मुख्यालय पर नहीं रहना हैं।विद्यालय के दोनों शिक्षक हरदा से अपडाउन करते है। जिससे बच्चों की शिक्षा सुविधा पर भी असर पढ़ रहा है शिक्षकों का पढ़ाने से ज्यादा ध्यान स्कूल का समय पूरा होने में लगा रहता है।नतीजा यह हुआ कि प्रतिवर्ष बच्चों की दर्ज संख्या भी कम होती गई ग्राम के लगभग 80 प्रतिशत या तो निजी विद्यालय में खिरकिया या हरदा पढ़ने भेज रहे है या फिर अन्य विद्यालयो में।यदि ग्राम बाफला के प्राथमिक विद्यालय को मर्ज कर 17 बच्चों को सांदीपनी विद्यालय में अध्ययन करने की व्यवस्था बना दी जाए तो बच्चे बेहतर शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे वही अन्य विद्यालयों में यहां के शिक्षकों को भेजे जाने से उक्त विद्यालयों के बच्चों का शिक्षा स्तर सुधरेगा।
इनका कहना है- यदि ग्राम बाफ़ला प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक शिक्षिका हरदा से अपडाउन कर रहे तो ये नियम विरुद्ध है,शिकायत आने पर कार्रवाई की जायेगी,देवेंद्र रघुवंशी, डीईओ हरदा।

