रिपोर्ट- ऐश्वर्य सुमित मिश्रा,
8 अगस्त 2026, शनिवार
सिवनी। मध्यप्रदेश में महंगाई के बीच अब सार्वजनिक परिवहन से सफर करने वाले आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की स्थिति बन गई है। मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग द्वारा 5 अगस्त 2026 को जारी राजपत्र (असाधारण) में मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 67(1) के तहत मंजिली गाड़ियों के यात्री किराये के संबंध में नए निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिसूचना क्रमांक TRP/0110/2025-Sec-1-08(TRP) के अनुसार सामान्य मंजिली गाड़ी (General Stage Carriage) के लिए अधिकतम यात्री किराया ₹2 प्रति यात्री प्रति किलोमीटर अथवा उसके भाग के लिए, जबकि न्यूनतम किराया ₹10 निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था संबंधित अधिसूचना के अनुसार राज्य परिवहन प्राधिकरण एवं क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों द्वारा मंजिली गाड़ी के किराया निर्धारण के लिए लागू होगी।
सिवनी जैसे जिलों में असर अधिक महसूस हो सकता है
सिवनी जिला भौगोलिक रूप से ऐसे क्षेत्र में है जहां बड़ी संख्या में नागरिक उच्च शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, व्यापार, रोजगार, न्यायालयीन कार्य, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी कामकाज और कृषि संबंधी गतिविधियों के लिए जबलपुर, नागपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, नरसिंहपुर, भोपाल, इंदौर सहित अन्य शहरों की ओर आवागमन करते हैं।
ऐसे में बस किराये की नई दर केवल परिवहन का विषय नहीं रह जाती, बल्कि इसका प्रभाव सीधे परिवार के मासिक बजट, किसानों के बाजार खर्च, विद्यार्थियों के शिक्षा खर्च, मरीजों के इलाज के खर्च और छोटे व्यापारियों की आवाजाही की लागत पर पड़ सकता है।
मरीजों और उनके परिजनों पर दोहरी मार
सिवनी से जबलपुर और नागपुर जैसे बड़े चिकित्सा केंद्रों की ओर जाने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए बस यात्रा पहले से ही एक आवश्यक खर्च है। नियमित उपचार, जांच, ऑपरेशन, फॉलोअप अथवा विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श के लिए बार-बार बाहर जाने वाले परिवारों को किराये में वृद्धि का असर बार-बार झेलना पड़ सकता है।
विशेषकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मरीज के साथ एक या दो परिजनों का यात्रा खर्च भी महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे में परिवहन किराये में वृद्धि अप्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य खर्च को और बढ़ा सकती है।
विद्यार्थियों के लिए भी बढ़ेगा यात्रा बजट
सिवनी जिले के विद्यार्थी उच्च शिक्षा, कोचिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए जबलपुर, नागपुर, छिंदवाड़ा और अन्य शहरों पर निर्भर रहते हैं।
जो विद्यार्थी सप्ताह में कई बार या प्रतिदिन आवागमन करते हैं, उनके लिए प्रति किलोमीटर किराये की नई दर का प्रभाव मासिक स्तर पर दिखाई देगा। गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए शिक्षा शुल्क के साथ आने-जाने का खर्च भी बड़ी चुनौती बन सकता है।
किसानों और छोटे व्यापारियों की लागत भी बढ़ने की आशंका
सिवनी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से किसान और छोटे व्यापारी कृषि उपज, खाद-बीज, कृषि उपकरण, बैंकिंग, मंडी, सरकारी कार्यालय और अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए जिला मुख्यालय अथवा दूसरे शहरों तक पहुंचते हैं।
किसानों के लिए बाजार तक पहुंचने का खर्च बढ़ने का अर्थ केवल यात्री किराया बढ़ना नहीं है। इसका असर कृषि उपज के परिवहन, बाजार संपर्क और परिवार के अन्य सदस्यों की आवाजाही पर भी पड़ सकता है।
छोटे व्यापारियों के लिए भी जबलपुर, नागपुर, छिंदवाड़ा अथवा अन्य बड़े बाजारों से माल, व्यापारिक संपर्क और खरीदारी के लिए होने वाली यात्राएं महंगी हो सकती हैं।
रात और प्रीमियम बसों में अतिरिक्त वृद्धि का प्रावधान
राजपत्र में सामान्य मंजिली गाड़ी के किराये के ऊपर विभिन्न श्रेणियों के लिए अधिकतम वृद्धि का प्रावधान भी दिया गया है—
रात्रि बस सेवा — सामान्य किराये से 10% अधिक
डीलक्स बस (नॉन एसी) — 25% अधिक
स्लीपर — 40% अधिक
डीलक्स बस (एसी) — 50% अधिक
सुपर लग्जरी कोच (एसी) — 75% अधिक
हालांकि अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एक्सप्रेस बस सेवाओं के लिए कोई अतिरिक्त प्रभार अनुमत नहीं होगा।
सिवनी के लिए बड़ा सवाल—किराया बढ़े तो सार्वजनिक परिवहन की सुविधा भी बढ़ेगी क्या?
किराये में वृद्धि के साथ आम नागरिकों की अपेक्षा यह भी होगी कि बस सेवाओं की समयबद्धता, सुरक्षा, फिटनेस, परमिट व्यवस्था, ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार हो।
सिवनी जैसे बड़े ग्रामीण-आदिवासी भूभाग वाले जिले में सार्वजनिक परिवहन केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों की जीवनरेखा है।
यदि किराया बढ़ता है, तो परिवहन विभाग और जिला प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती भी होगी कि यात्रियों को उसके अनुरूप बेहतर और नियमित परिवहन सुविधा मिले।
महंगाई के दौर में आम नागरिकों पर एक और खर्च
पेट्रोल-डीजल, खाद्य सामग्री, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की आवश्यकताओं की बढ़ती लागत के बीच परिवहन खर्च में संभावित वृद्धि आम परिवारों के लिए अतिरिक्त दबाव पैदा कर सकती है।
खासकर ऐसे परिवार जिनके सदस्य नौकरी, पढ़ाई, इलाज या व्यापार के लिए नियमित रूप से सिवनी से बाहर जाते हैं, उनके लिए यात्रा खर्च महीने के बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।
राजपत्र के अनुसार किराये की मूल व्यवस्था
जारी किराया चार्ट के अनुसार सामान्य स्टेज कैरिज में:
1 से 5 किलोमीटर — न्यूनतम ₹10 6 किलोमीटर के बाद — ₹2 प्रति किलोमीटर के हिसाब से
अर्थात किराया दूरी के साथ बढ़ता जाएगा। हालांकि वास्तविक देय किराया किसी विशेष मार्ग पर लागू परमिट, बस की श्रेणी और संबंधित परिवहन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार देखा जाना आवश्यक होगा।
जनहित में पारदर्शिता जरूरी
किराया बढ़ोतरी की स्थिति में यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही रहेगा कि बसों में निर्धारित किराया स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए और यात्रियों से तय सीमा से अधिक राशि वसूलने पर प्रभावी शिकायत एवं कार्रवाई की व्यवस्था हो।
सिवनी सहित पूरे मध्यप्रदेश में यात्रियों को यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाना जरूरी है कि किस मार्ग पर किस श्रेणी की बस के लिए कितना अधिकतम किराया देय है।
निष्कर्षतः, मध्यप्रदेश शासन की नई किराया व्यवस्था का सबसे प्रत्यक्ष प्रभाव उन नागरिकों पर पड़ सकता है जो रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं। सिवनी जैसे जिले में जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और रोजगार के लिए दूसरे शहरों तक लगातार आवागमन होता है, वहां परिवहन किराये में बदलाव को केवल बस किराये का संशोधन नहीं बल्कि आम नागरिक के घरेलू बजट और जिले की आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा विषय माना जाना चाहिए।

