महिला पंचायतों से गांवों में सुलझेंगे छोटे विवाद, माण्डल में 'नारी संवाद' अभियान का आयोजन:
भीलवाड़ा : महिलाओं को न्याय तक सरल एवं त्वरित पहुंच उपलब्ध कराने तथा ग्राम स्तर पर छोटे-छोटे विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भीलवाड़ा द्वारा "नारी संवाद : समुदाय में, समुदाय द्वारा, समुदाय के लिए मध्यस्थता" अभियान के तहत मंगलवार को पंचायत समिति माण्डल में जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने कहा कि महिला पंचायत–सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम का उद्देश्य गांवों में ऐसा प्रभावी मंच तैयार करना है, जहां पारिवारिक, सामाजिक एवं सामुदायिक स्तर के छोटे-छोटे विवादों का प्रारंभिक, त्वरित एवं आपसी सहमति से समाधान किया जा सके। उन्होंने बताया कि इससे न्यायालयों पर अनावश्यक भार कम होगा और समाज में शांति, विश्वास, सहयोग एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा।
रश्मि आर्य ने कहा कि यह अभियान महिलाओं एवं वंचित वर्गों को विवाद समाधान प्रक्रिया में नेतृत्वकारी भूमिका प्रदान करेगा। महिला पंचायतों के माध्यम से घरेलू विवाद, वैवाहिक मतभेद, पड़ोसियों के बीच उत्पन्न छोटे विवादों सहित अन्य सामाजिक समस्याओं का संवेदनशील एवं प्रभावी समाधान संभव होगा। साथ ही महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, महिला संरक्षण संबंधी कानूनों एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें अधिक जागरूक एवं सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार भीलवाड़ा न्याय क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान राजीविका मिशन की महिला सदस्यों, आशा सहयोगिनियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं महिला प्रतिनिधियों के साथ संवादात्मक बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए ग्राम स्तर पर आने वाली सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याओं पर खुलकर चर्चा की तथा महिला पंचायतों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए।
सचिव रश्मि आर्य ने सभी विभागों, महिला समूहों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों से समन्वित प्रयास करते हुए इस अभियान को प्रत्येक गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही समाज में स्थायी शांति, सामाजिक समरसता एवं न्यायपूर्ण वातावरण स्थापित किया जा सकता है।

