एनएम संघ ने स्वास्थ्य सचिव को सौंपा ज्ञापन, प्रसूता मृत्यु मामलों में नर्सिंग कर्मियों पर कार्रवाई का किया विरोध :
भीलवाड़ा : एल.एच.वी./ए.एन.एम. संघ ऑफ राजस्थान (संयुक्त – अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ) ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शासन सचिव, राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रसूता एवं गर्भवती महिलाओं की मृत्यु के मामलों में एएनएम नर्सिंग कर्मियों पर की जा रही कार्रवाई का विरोध जताया है।
ज्ञापन में संघ ने कहा कि विभाग द्वारा मीडिया रिपोर्टों और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के आधार पर प्रसूता मृत्यु मामलों में एएनएम को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई की जा रही है, जिससे प्रदेशभर की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में रोष और मानसिक तनाव का माहौल है।
संघ का कहना है कि एएनएम स्वास्थ्य विभाग की आधारभूत कड़ी हैं, जो गांव-ढाणी स्तर पर गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, नियमित जांच, टीकाकरण, परामर्श, प्रसव पूर्व एवं प्रसवोत्तर देखभाल सहित अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाती हैं। वहीं उच्च जोखिम (एचआरपी) गर्भवती महिलाओं को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने का कार्य भी एएनएम द्वारा किया जाता है। इसके बावजूद प्रसूता मृत्यु के लिए सीधे एएनएम को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई बार आवश्यक जांच, स्कैनिंग, उपकरणों और संसाधनों की कमी के बावजूद एएनएम पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करती हैं। ऐसे में उन्हें बलि का बकरा बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करना न्यायसंगत नहीं है।
संघ ने सरकार से मांग की है कि उच्च जोखिम गर्भवती एवं प्रसूता मृत्यु के मामलों में एएनएम को दोषी न ठहराया जाए तथा उनके विरुद्ध की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। साथ ही धारा-17 से जुड़े मामलों में राहत देने एवं एएनएम के हितों की रक्षा करने की भी मांग की गई है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में एएनएम आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य प्रशासन की होगी।

