संवाददाता-ऐश्वर्य सुमित मिश्रा,
"तहसीलदार के आदेश के बाद भी नहीं हटा करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जा, हाईकोर्ट जाने की तैयारी" :
सिवनी में करोड़ों रुपये मूल्य की शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। शिकायतकर्ता शाहिद खान ने आरोप लगाया है कि तहसीलदार के अतिक्रमण हटाने के आदेश के बावजूद अब तक प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने इस पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
मामला नगरीय क्षेत्र के कबीर वार्ड क्रमांक-06, डूण्डासिवनी स्थित मंडला रोड से लगी शासकीय भूमि का है। शिकायतकर्ता शाहिद खान के अनुसार, खसरा क्रमांक 264/1, रकबा 0.72 हेक्टेयर की सरकारी भूमि के बड़े हिस्से पर टीन शेड बनाकर कब्जा कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि इस भूमि पर सिवनी,नगर पालिका परिषद द्वारा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है और यहां पहले से सार्वजनिक शौचालय, बाउंड्रीवाल एवं पानी की टंकी का निर्माण कराया जा चुका है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 248 के तहत शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने का प्रावधान है। इसी प्रकरण में तहसीलदार न्यायालय ने 16 जनवरी 2026 को अतिक्रमण हटाने का आदेश भी जारी किया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी आदेश पर अमल नहीं हुआ।
शाहिद खान ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा जिले के अन्य स्थानों पर भी शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने जनसुनवाई में जिला कलेक्टर श्रीमति नेहा मीना को सभी दस्तावेज और प्रमाण सौंपे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शाहिद खान (शिकायतकर्ता) ने बताया की सिवनी की "कलेक्टर मैडम ने स्पष्ट कहा था कि सरकारी जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन करोड़ों की सरकारी भूमि पर कब्जा आज भी बरकरार है। तहसीलदार का आदेश आने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो मुझे जनहित में हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ेगी।"
फिलहाल, शिकायतकर्ता ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि तहसीलदार के आदेश के बाद भी लंबित इस मामले में जिला प्रशासन कब तक कोई ठोस कदम उठाता है।

