भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा, समन्वय एवं सीमा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को महेंद्रनगर, कंचनपुर (नेपाल) में भारत-नेपाल द्वितीय फील्ड सीमा सर्वे टीम की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों देशों के प्रशासनिक, पुलिस, सर्वे एवं सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने, सीमा स्तंभों के सर्वेक्षण, सीमा क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली विभिन्न समस्याओं के समाधान तथा नो मेंस लैंड पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में शांति, सौहार्द एवं पारस्परिक सहयोग बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
बैठक में सीमा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने कहा कि सीमा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और विकास संबंधी विषयों पर दोनों देशों के बीच नियमित संवाद और सहयोग आवश्यक है, जिससे किसी भी प्रकार की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
भारत की ओर से जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी अंजनी कुमार सिंह, जिलाधिकारी पीलीभीत ज्ञानेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक लखीमपुर खीरी डॉ. ख्याति गर्ग, एसडीएफओ रमेश चौहान, अपर जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी नरेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी पीलीभीत प्रसून द्विवेदी, 39वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल पलिया के कमांडेंट रबीन्द्र कुमार राजेश्वरी, 49वीं वाहिनी पीलीभीत के कमांडेंट शेर सिंह, 57वीं वाहिनी सितारगंज के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत, 03वीं वाहिनी लखीमपुर खीरी के कमांडेंट प्रमोद देवरानी सहित विभिन्न जनपदों के उपजिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नेपाल की ओर से कैलाली के मुख्य जिला अधिकारी हीरालाल रेगमी, कंचनपुर के मुख्य जिला अधिकारी मदन कोइराला, धारचूला के मुख्य जिला अधिकारी अनिल पौडेल, डडेलधुरा के मुख्य जिला अधिकारी अमर बहादुर ओली, कंचनपुर के सहायक मुख्य जिला अधिकारी मोहन चन्द्र जोशी, नेपाल पुलिस एवं एपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सर्वे एवं राष्ट्रीय जांच विभाग (एनआईडी) के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। दोनों देशों के अधिकारियों ने भविष्य में भी इस प्रकार की संयुक्त बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की, ताकि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, सौहार्द और बेहतर समन्वय को और अधिक मजबूती प्रदान की जा सके।
पियूष गुप्ता
