रौन। मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रदेशभर में 12 जून से 18 जून 2026 तक जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में भिंड जिले के रौन स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में 13 जून से 15 जून तक जनकल्याण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के पहले दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के नागरिक अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर पहुंचे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला उपस्थित रहे। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ वीर सिंह चौहान, लहार एसडीएम विजय कुमार यादव, तहसीलदार श्रीनिवास शर्मा, नगर परिषद सीएमओ संतोष सिहारे, विद्युत विभाग के जेई अमित शर्मा, स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ डॉ. अनिल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
जनकल्याण शिविर में नगर परिषद क्षेत्र तथा जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के लोगों ने राजस्व, पंचायत, नगर परिषद, विद्युत एवं अन्य विभागों से जुड़ी समस्याओं के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किए। कई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि अन्य मामलों में संबंधित अधिकारियों ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
शिविर के दौरान ग्राम पंचायत बौहारा के ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला से मुलाकात कर पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार की शिकायत की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव द्वारा बिना कार्य कराए सीसी रोड, नाला निर्माण, खेत तालाब सहित विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि फर्जी मजदूरों की हाजिरी, फर्जी मस्टर रोल एवं कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित सचिव के जनपद कार्यालय में अटैच रहने के बावजूद पंचायत से भुगतान निकाले गए, जिसकी शिकायत जनपद पंचायत, जनसुनवाई, जिला पंचायत तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मंत्री के समक्ष संबंधित दस्तावेज और शिकायतों की जानकारी रखी तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने मौके पर जिला पंचायत सीईओ वीर सिंह चौहान को बुलाकर मामले की जांच कराने एवं दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनकल्याण शिविरों का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रखा जाए तथा शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि शासन की मंशा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनकल्याण शिविर इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।
अरविंद सिंह जादौन
