पाकुड़िया थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पाकुड़िया थाना कांड संख्या-30/2026 के प्राथमिक अभियुक्त चिरंजीत साहा को गिरफ्तार कर शनिवार को माननीय न्यायालय पाकुड़ में प्रस्तुतीकरण (उपस्थापन) के लिए भेज दिया है।
गिरफ्तार अभियुक्त चिरंजीत साहा (पिता: स्वर्गीय उत्तम साहा) मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मुरारोई थाना क्षेत्र के ढोंरिया ग्राम का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार, अभियुक्त के खिलाफ पाकुड़िया थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1B)A/36 के तहत मामला दर्ज है।
रामघाती गाँव में हुई चोरी का हुआ भंडाफोड़
सख्ती से पूछताछ के दौरान चिरंजीत साहा ने न सिर्फ आर्म्स एक्ट के मामले में अपना गुनाह कबूला, बल्कि पिछले महीने (मई में) पाकुड़िया थाना क्षेत्र के रामघाती गाँव में हुए एक बड़े चोरी कांड में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
अभियुक्त ने स्वीकार किया कि रामघाती गाँव के निवासी मनोज भगत के घर में हुई चोरी की घटना में वह मुख्य चोरों के साथ शामिल था।
चोरी के हिस्से के ₹20,000 नकद बरामद
चिरंजीत की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के पैसों में से एक बड़ी रकम बरामद करने में कामयाबी हासिल की है। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि:
रामघाती चोरी कांड के बाद हिस्सेदारी के रूप में उसे ₹35,000 मिले थे।
इसमें से ₹15,000 उसने निजी खर्चों में उड़ा दिए।
पुलिस ने उसके पास से बचे हुए ₹20,000 नकद बरामद कर लिए हैं।
इस गिरफ्तारी और खुलासे से पाकुड़िया पुलिस क्षेत्र में सक्रिय अंतरराज्यीय अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में एक कदम और आगे बढ़ी है। पुलिस के इस कार्रवाई से लोगों ने राहत की सांस ली है
