बिलासपुर: बिलासपुर पुलिस द्वारा अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत आज बिल्हा थाना क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कार्रवाई देखने को मिली। इस पूरी कार्रवाई के केंद्र में रहे थाना प्रभारी निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, जिनकी सतर्कता और सटीक रणनीति ने अवैध कबाड़ माफियाओं की कमर तोड़ दी है।
अदम्य साहस और पैनी नजर का परिणाम:
पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, निरीक्षक तोपसिंह नवरंग ने सूचना मिलते ही अपनी टीम के साथ बिल्हा स्थित कबाड़ ठिकाने पर ऐसी दबिश दी कि अपराधियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। तोपसिंह नवरंग का कार्य करने का अंदाज किसी 'सज-धज कर निकले योद्धा' जैसा रहा, जिन्होंने न केवल घटनास्थल का नेतृत्व किया, बल्कि अपनी टीम के हर सदस्य में जोश भरते हुए इस जटिल ऑपरेशन को चंद मिनटों में सफल बनाया।
सफल ऑपरेशन की धुरी: निरीक्षक तोपसिंह नवरंग
विभागीय सूत्रों के अनुसार, निरीक्षक तोपसिंह नवरंग की 'फिल्डिंग' इतनी चाक-चौबंद थी कि रेलवे की कीमती संपत्ति को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे 07 शातिर आरोपी रंगे हाथों दबोच लिए गए। उनकी कार्यशैली—जिसमें प्रशासनिक बारीकी और आक्रामक कार्यवाही का मिश्रण है—ने बिल्हा क्षेत्र के अन्य अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है।
कार्रवाई पर एक नजर:
जब्ती: 83 क्विंटल 15 किलो रेलवे का कीमती सामान और 02 वाहन।
मूल्य: कुल 14 लाख 25 हजार 500 रुपये की संपत्ति।
नेतृत्व: निरीक्षक तोपसिंह नवरंग द्वारा गठित विशेष टीम, जिन्होंने अपनी पूरी निष्ठा के साथ इस मिशन को अंजाम दिया।
पुलिस महकमे में चर्चा:
निरीक्षक तोपसिंह नवरंग की इस सक्रियता की सराहना अब उच्च अधिकारियों के स्तर पर भी हो रही है। जिस प्रकार से उन्होंने पूरे ऑपरेशन का खाका खींचा और उसे धरातल पर उतारा, वह अन्य पुलिस अधिकारियों के लिए एक नजीर है। बिल्हा क्षेत्र की जनता का कहना है कि जब तक ऐसे जांबाज अधिकारी तैनात हैं, अपराध का पलड़ा भारी नहीं हो सकता।
निष्कर्ष:
बिल्हा थाना पुलिस की यह 'दबंग' कार्रवाई न केवल रेलवे की संपत्ति की रक्षा में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि यह संदेश भी देती है कि यदि नेतृत्व निरीक्षक तोपसिंह नवरंग जैसा हो, तो कोई भी अपराधी कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।
संवाददाता राजेन्द्र डहरिया
