हादसे में दोनों वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। घटना सुबह करीब 6.30 बजे की बताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि दोनों ट्रक चालक समय रहते वाहन से बाहर निकल आए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि दुर्घटना के दौरान पीछे से आ रही एक स्कूटी सवार युवती को मामूली चोटें आईं।
जानकारी के अनुसार पखांजूर की ओर से रेत लेकर एक हाइवा माटोली की तरफ जा रहा था, जबकि दूसरी ओर से एक खाली ट्रक आमापल्ली महाराष्ट्र के लिए में जा रहा था। माटोली के पास ढलान वाले हिस्से में हाइवा चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रहे ट्रक के डीजल टैंक से जा टकराया। टक्कर के बाद हाइवा सड़क पर पलट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के कारण ट्रक के डीजल टैंक से ईंधन बाहर निकलकर हाइवा के गर्म इंजन पर गिर गया, जिससे कुछ ही क्षणों में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने दोनों वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया। आग की भयावहता के कारण दोनों वाहन लंबे समय तक जलते रहे। पखांजूर नगर पंचायत क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की सुविधा नहीं होने के कारण तत्काल आग बुझाने में परेशानी हुई। बाद में स्थानीय ठेकेदार सुबीर सरकार की मदद से एजाक्स वाहन के माध्यम से पानी पहुंचाया गया और प्रेशर से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया।
आग बुझाने में करीब एक घंटे का समय लगा। इस दौरान पखांजूर मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। आग बुझने और जले हुए वाहनों को सड़क से हटाने के बाद आवागमन सामान्य हो सका।
हादसों का हॉटस्पॉट बना माटोली का ढलान
माटोली में जिस स्थान पर यह दुर्घटना हुई, वहां पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं। यह क्षेत्र ढलान वाला है और आगे पुलिया होने के कारण वाहनों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। भारी वाहन यदि ढलान पर थोड़ा भी अनियंत्रित हो जाए तो दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने और चेतावनी संकेत लगाने की आवश्यकता है।
फायर ब्रिगेड नहीं, इसलिए बढ़ता है नुकसान
पखांजूर नगर पंचायत में आज भी फायर ब्रिगेड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। किसी भी आगजनी की घटना में स्थानीय संसाधनों और लोगों के सहयोग से ही आग बुझाने का प्रयास किया जाता है, जिसके कारण अक्सर नुकसान बढ़ जाता है।
बुधवार की घटना में भी आग लगने के करीब 45 मिनट बाद प्रभावी ढंग से आग बुझाने की व्यवस्था हो सकी। तब तक दोनों वाहन काफी हद तक जल चुके थे। क्षेत्र में लंबे समय से फायर ब्रिगेड की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक यह सुविधा नहीं मिल पाई है।
गौरतलब है कि इसी वर्ष 16 जनवरी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पखांजूर प्रवास के दौरान यहां फायर ब्रिगेड वाहन उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। घोषणा को पांच माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद वाहन नहीं पहुंच सका है। इस संबंध में नगर पंचायत पखांजूर के सीएमओ सुनील कुमार जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया गृह विभाग के नगर सेना को दी गई है उन्ही के द्वारा वाहन की व्यवस्था और संचालन की व्यवस्था भी उन्हीं विभाग द्वारा किया जाना है।
