। प्रशासनिक कार्यशैली में संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रभावी नेतृत्व का उदाहरण एक बार फिर शनिवार को तहसील अमरोहा में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में देखने को मिला। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. नितिन गौड़ ने स्वयं जनता की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ होना चाहिए।
समाधान दिवस के दौरान डॉ. गौड़ का प्रशासनिक अनुभव और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता साफ नजर आई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। खास बात यह रही कि उन्होंने केवल कागजी कार्रवाई पर भरोसा करने के बजाय मौके पर जाकर शिकायतकर्ता की बात सुनने और जियो-टैग फोटो के साथ समाधान की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया।
बैठक में कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। इससे यह संदेश भी गया कि जनसमस्याओं के प्रति लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासनिक हलकों में डॉ. नितिन गौड़ की यह कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि वे लगातार शिकायतों की गुणवत्ता और पुनरावृत्ति पर विशेष निगरानी रख रहे हैं।
वहीं, पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने भी जनसुनवाई को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जाए। कानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनसमस्याओं के समाधान को लेकर उनकी सक्रियता लोगों में विश्वास पैदा कर रही है।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 14 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 3 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। भूमि विवादों जैसे मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर भेजा गया, जिससे शिकायतों के त्वरित समाधान का रास्ता साफ हुआ।
जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने वाली डीएम डॉ. नितिन गौड़ और एसपी लखन सिंह यादव की यह सक्रिय कार्यशैली प्रशासन और आमजन के बीच भरोसे की मजबूत कड़ी बनती दिखाई दे रही है। जिले में सुशासन और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में यह प्रयास एक सकारात्मक मिसाल माना जा रहा है।
