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राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित हुई डिण्डौरी जिले की बेटी शिवानी साहू, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मिले दो स्वर्ण पदक..............NN81





हिंदी विषय में सर्वाधिक अंक और प्रथम श्रेणी में सर्वोच्च अंक हासिल कर शासकीय स्नातक महाविद्यालय शहपुरा की छात्रा ने बढ़ाया जिले का मान


। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के 36वें दीक्षांत समारोह में डिण्डौरी जिले के शहपुरा क्षेत्र की होनहार छात्रा शिवानी साहू ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। शहपुरा जनपद पंचायत के ग्राम बरगांव की रहने वाली और शासकीय स्नातक महाविद्यालय शहपुरा की छात्रा शिवानी साहू को दीक्षांत समारोह में दो स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों मिला, जिससे यह उपलब्धि और भी खास बन गई।

जबलपुर में आयोजित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विशेष रूप से शामिल हुईं। इस दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। समारोह में कुल 20 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए, जिनमें डिण्डौरी जिले की शिवानी साहू भी शामिल रहीं।

शिवानी साहू ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता के दम पर दोहरी उपलब्धि हासिल की। उन्हें पहला स्वर्ण पदक हिन्दी विषय स्नातक में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर मिला, जबकि दूसरा हिन्दी साहित्य में प्रथम श्रेणी में सर्वाधिक अंक अर्जित करने के लिए प्रदान किया गया। एक ही दीक्षांत समारोह में दो स्वर्ण पदक हासिल कर शिवानी ने न केवल अपने महाविद्यालय, बल्कि पूरे डिण्डौरी जिले को गौरवान्वित किया है।

राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त करने के बाद शिवानी साहू और उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शिवानी की इस उपलब्धि पर उनके पिता बाबूलाल साहू और माता सावित्री देवी ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि बेटी ने पूरे परिवार, गांव और जिले का मान बढ़ाया है। शिवानी की सफलता से बरगांव, करौंदी और शहपुरा क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने इसे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।

शिवानी साहू की यह सफलता ग्रामीण अंचल की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल करने का सपना देखती हैं। डिण्डौरी जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के मंच पर राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होना निश्चित ही पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है।

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