पिड़ावाराज्य सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से शुरू किए गए शहरी सेवा शिविर-2026 के पहले ही दिन
पिड़ावा नगर पालिका में व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। गुरुवार को आयोजित शिविर में कई विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं हुए, जिससे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों को निराशा का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है
कि शिविर प्रारंभ होने से दो दिन पूर्व जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने समीक्षा बैठक में 22 विभागों के अधिकारियों को शिविर स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर संवेदनशीलता के साथ आमजन की समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पहले ही दिन कई विभागों की कुर्सियां खाली दिखाई दीं।
शिविर में पहुंचे नागरिकों ने बताया कि विभिन्न कार्यों के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी उपलब्ध नहीं होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। कई शिकायतकर्ताओं को बिना समाधान के ही वापस लौटना पड़ा।
अधिकारियों की अनुपस्थिति और लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
नगरवासियों का कहना है कि सरकार की मंशा जनता को घर-द्वार पर राहत पहुंचाने की है,
लेकिन स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।
पहले ही दिन सामने आई अव्यवस्थाओं ने शिविर की प्रभावशीलता और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब पहले ही दिन 22 विभागों के दावे हवा हो गए और कई कर्मचारी नदारद मिले, तो 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान का पिड़ावा में क्या भविष्य होगा?
साथ ही यह भी देखना होगा कि जिला प्रशासन ऐसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई करता है या नहीं।
संवाददाता मोहम्मद इस्लाम
