। भारत-नेपाल बॉर्डर पर तैनात एसएसबी के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो मासूम बच्चों को तस्करों के चंगुल में जाने से बचा लिया। एसएसबी ने नेपाल से बहला-फुसलाकर भारत लाए जा रहे एक नाबालिग लड़के और एक नाबालिग लड़की को सकुशल मुक्त कराया है। साथ ही उन्हें ले जा रहे एक नेपाली युवक को भी गिरफ्तार किया गया है।मंगलवार को गौरीफंटा बॉर्डर चेक पोस्ट पर जांच के दौरान एसएसबी जवानों को नेपाल से आ रहे तीन लोगों पर शक हुआ। इनमें एक युवक और दो बच्चे थे। जवानों ने जब उन्हें रोककर पूछताछ की, तो 19 साल के युवक प्रकाश कामी (निवासी जिला अछाम, नेपाल) ने बताया कि वह भारत के पुणे शहर में एक होटल में काम करता है और इन बच्चों को भी अपने साथ पुणे ले जा रहा है।
जब जवानों ने दोनों बच्चों से अकेले में पूछताछ की, तो पूरा मामला खुल गया। बच्चों ने रोते हुए बताया कि वे अपने माता-पिता को बिना बताए घर से भागकर इस युवक के साथ भारत जा रहे हैं। एसएसबी के जवानों ने तुरंत फोन पर बच्चों के घरवालों से बात की।घरवालों ने बताया कि बच्चे बिना बताए गायब हैं और उन्होंने रोते हुए अधिकारियों से गुहार लगाई कि उनके आने तक बच्चों को बॉर्डर पर ही रोका जाए।मामला बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने और मानव तस्करी से जुड़ा होने के कारण एसएसबी ने तुरंत कार्रवाई की। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी युवक और दोनों बच्चों को भारतीय व नेपाली स्वयंसेवी संस्थाओं और नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स की मौजूदगी में नेपाल की त्रिनगर पुलिस के हवाले कर दिया गया। एसएसबी अधिकारियों ने कहा कि बॉर्डर पर तस्करी और अपराध रोकने के लिए जवान लगातार दिन-रात चौकन्ने हैं।
पीयूष गुप्ता
