शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने के बावजूद नंदुरबार जिले के कई उर्दू माध्यम स्कूलों में आवश्यक पाठ्यपुस्तकें अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर नगर परिषद नंदुरबार की शिक्षा समिति सदस्य तथा AIMIM की नगरसेविका साजेदा बी मलिक अशफाक ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर तत्काल पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति की मांग की है।
अपने ज्ञापन में साजेदा बी मलिक अशफाक ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष स्कूल खुलते ही कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाता है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और शिक्षण कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हालांकि नया शैक्षणिक वर्ष शुरू होने के बाद भी जिले के कई उर्दू माध्यम स्कूलों में आवश्यक पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति नहीं हुई है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। साथ ही शिक्षकों को भी अध्यापन कार्य में विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि समय पर पुस्तकें उपलब्ध नहीं होने से पाठ्यक्रम पूरा करने में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की है कि इस मामले में व्यक्तिगत रूप से ध्यान देते हुए जिले के सभी उर्दू माध्यम स्कूलों को विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार आवश्यक पाठ्यपुस्तकें तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही पुस्तक वितरण प्रक्रिया के लिए उचित योजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
साजेदा बी मलिक अशफाक ने प्रशासन से विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित को ध्यान में रखते हुए इस समस्या को गंभीरता से लेने और जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है।
जाविद शेख
