साण्डवता क्षेत्र के ग्राम दयाखेड़ी में कमल भिलाला आदिवासी की जमीन को राजस्व विभाग की टीम ने नायाब तहसीलदार शैलजा मिश्रा के कहने पर ग्राम पटवारी रामकरण खीर ने बिना सूचना करे आदिवासी कमल भिलाला की जमीन के कब्जा को बल पूर्वक हटाने की कोशिश की तथा प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अधिवासी को प्रताड़ित किया
जानकारी अनुसार कमल ने 2003 में हीरालाल लोधा से कब्जे की जमीन को खरीदा था परंतु कुछ साल पहले हीरालाल लोदा का देहांत हो गया था
खरीदी गाई जमीन पर कमल भिलाला का कब्जा 20 साल से है कमल भिलाला पेशे से किसान है
और राजस्व विभाग के बारे में इतनी जानकारी नहीं थी कि वह उसकी जमीन की रजिस्ट्री कर अपने नाम नामांतरण करा सके
हीरालाल लोधा का देहांत के बाद कमल ने अपनी जमीन की रजिस्ट्री के लिए सिविल कोर्ट में अपना प्रकरण पेश किया था
और फिलहाल केश भी प्रोसेसिंग में है
सिविल कोर्ट केश चलने के बाद भी नायब तहसीलदार शैलजा मिश्रा ने पटवारी को आदेश कर कमल भिलाला की जमीन के कब्जे को हटाने की पूरी कोशिश की गाई
राजस्व विभाग ने नियम विरुद्ध काम करते हुए आदिवासी की जमीन के कब्जे को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा है
वहीं जब news Nation 81 संवादाता ने इस विषय में नायब तहसीलदार से बात करनी चाहि तो नायब तहसीलदार के पास इस विषय को लेकर कोई शब्द नहीं थे बल्की जानकारी देने से स्पष्ट मना कर दिया कहा कि इस केश की मेरे पास कोई जानकारी नहीं है
जब ग्राम पटवारी रामकरण खीर से बात हुई तो
उन्होंने भी इस विषय में जानकारी देने से मना कर दिया और bit लेने पर आवेश में आकर आप शब्दों का प्रयोग किया
क्या राजस्व विभाग की टीम इसी तरह आदिवासी किसानों पर अपना रोप जड़ती है
कब तक ऐसे अधिकारियों पर अंकुश लगेगा
वहीं पीड़ित आदिवासी वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासन से न्याय की उम्मीद करता रहा
आदिवासी जायस संगठन आगर मालवा सुनील ठाकुर ने कहा कि यदि आदिवासी को न्याय नहीं मिला तो सारंगपुर छापीहेड़ा रोड जाम कर आ निश्चित धरना दिया जाएगा
