जिले की पंचायत समिति जहाजपुर के ग्राम पंडेर निवासी कृषक रामराज बैरवा ने राजस्थान सरकार की गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना का लाभ लेकर जैविक खेती को अपनाने की दिशा में प्रेरणादायक पहल की है। पिछले वित्तीय वर्ष में उन्होंने कृषि विभाग के माध्यम से वर्मी बेड निर्माण हेतु आवेदन किया था, जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति समय पर जारी कर दी गई।
योजना स्वीकृत होने के बाद स्थानीय कृषि पर्यवेक्षक ने उन्हें वर्मी बेड निर्माण की विस्तृत तकनीकी जानकारी प्रदान की। विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार रामराज बैरवा ने 10 फीट लंबाई, 3 फीट चैड़ाई एवं 2 फीट ऊँचाई के दो वर्मी बेड का निर्माण करवाया। निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात कृषि विभाग द्वारा समय पर भौतिक सत्यापन भी किया गया।
रामराज बैरवा ने वर्मी बेड में गोबर एवं केंचुओं का उपयोग कर जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की। उनका उद्देश्य खेतों में रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद का उपयोग कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना तथा पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। इस योजना से कम लागत में गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद तैयार की जा सकती है, जिससे खेती की लागत कम होती है और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होता है। वे अपने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी इस योजना की जानकारी देकर लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
कृषक रामराज बैरवा ने राज्य सरकार एवं कृषि विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी योजनाएं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ जैविक खेती को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
