लंबित राजस्व प्रकरणों का जल्द निस्तारण करें अधिकारी, नालों की सफाई और बिजली-पानी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
जिले में आगामी मानसून को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित राजस्व अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निस्तारण, नालों की सफाई, बिजली-पानी व्यवस्था और मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि राजस्व अधिकारी कोर्ट केस, नामांतरण, भू-रूपांतरण, भूमि आवंटन और अन्य लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान और संतुष्टि प्रतिशत बढ़ाने पर भी जोर दिया।
मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलक्टर ने नगर निकायों और यूआईटी को मिशन मोड पर नालों-नालियों की सफाई करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए और सफाई के बाद खुले चैंबर व नालों को सुरक्षित तरीके से ढका जाए।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए जिला कलक्टर ने जलजनित एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा गतिविधियां तेज करने, अस्पतालों में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए।
बैठक में विद्युत विभाग को मानसून से पहले ढीले तारों को कसने, रखरखाव कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग करने और बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वहीं पीएचईडी अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति निर्बाध रखने तथा जलापूर्ति फीडरों पर लगातार बिजली उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक समन्वय करने को कहा गया।
जिला कलक्टर ने सभी उपखंड अधिकारियों को अपने क्षेत्र के कार्यालयों का औचक निरीक्षण करने, ई-फाइलों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों, भू-अभिलेख, सीमा ज्ञान, पत्थरगढ़ी, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, पंजीयन विभाग, भूमि सम्परिवर्तन, राष्ट्रीय राजमार्ग भूमि अवाप्ति तथा सरकारी संस्थाओं को भूमि आवंटन से जुड़े मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में एडीएम सिटी प्रतिभा सहित जिले के सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जिला स्तरीय अधिकारी एवं राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।
