बाल अधिकारिता विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय पुलिस लाइन, भीलवाड़ा में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। कार्यक्रम सहायक निदेशक धर्मराज प्रतिहार के निर्देशानुसार संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई एवं गैर कानूनी कृत्य है, जो बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और उनके भविष्य के विकास में बाधा बनता है। वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के सपनों को साकार होने से रोकता है और समाज की प्रगति में भी अवरोध उत्पन्न करता है।
जिला बाल संरक्षण इकाई की संरक्षण अधिकारी अनुराधा तोलंबिया एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की केस वर्कर सुमन साहू ने बच्चों को बाल अधिकार, बालिका शिक्षा एवं बाल विवाह रोकथाम कानून की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह करवाने अथवा उसमें शामिल होने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है, जिसमें दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
इस दौरान विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकने के लिए शपथ भी दिलाई गई तथा कहा गया कि इस सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए सभी को आगे आकर आवाज उठानी होगी। साथ ही जानकारी दी गई कि बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दी जा सकती है और सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रधानाचार्य रवि वरिष्ठ, व्याख्याता हेमराज कटारिया, अध्यापक सोनिया अग्रवाल, मुराद अली एवं सांवरिया खटीक सहित विद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
