तीन चरणों में 5364 कार्य स्वीकृत, 3196 कार्य पूर्ण, 8890.38 लाख रुपये व्यय
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत अटरू में 18 पक्के चेक डैम प्रस्तावित
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 के तहत जिले में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण में जल संरक्षण के व्यापक कार्य कराए जा रहे हैं। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के साथ समन्वय कर जिले में जल संरचनाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
तीनों चरणों का विवरण:
प्रथम चरण, वित्तीय वर्ष 2023-24: जलग्रहण विकास, पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, वन, जल संसाधन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, कृषि एवं उद्यान विभाग के 2430 कार्य कुल 6155.64 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत किए गए। इनमें से 2425 कार्य 6104.29 लाख रुपये की लागत से पूर्ण कर लिए गए हैं।
द्वितीय चरण, वित्तीय वर्ष 2025-26: जिले की 33 ग्राम पंचायतों के 102 गांवों के 44253.49 हेक्टेयर क्षेत्र में 2009 कार्य कुल 6275.43 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत हैं। वर्तमान में 1159 कार्यों की 2575.41 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां जारी कर 631 कार्य 1459.65 लाख रुपये की लागत से शुरू किए जा चुके हैं।
तृतीय चरण, वित्तीय वर्ष 2026-27: जिले की 44 ग्राम पंचायतों के 119 गांवों के 44570.73 हेक्टेयर क्षेत्र में 940 कार्य कुल 1257.95 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत हैं। इनमें से 140 कार्यों की 490.75 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं।
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान: इस अभियान के अंतर्गत अटरू पंचायत समिति में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 द्वितीय चरण के तहत कुल 18 पक्के चेक डैम के कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें से 15 कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। इन कार्यों से कुल 04 पंचायतों के 14 गांवों में जल संरक्षण होगा जिससे ग्रामवासी लाभान्वित होंगे।
राज्य सरकार का उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण कर भू-जल स्तर को बढ़ाना तथा किसानों को दीर्घकालीन लाभ पहुंचाना है। जिले में मनरेगा, राज्य मद, सीएसआर मद एवं विभागीय मद से जल संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों से भविष्य में जल संकट कम करने में सहायता मिलेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
हेमंत यादव
