निर्मल विश्वकर्मा संवाददाता
----------------- देश का अन्नदाता किसान अपनी साल भर की फसल तैयार करके उसे सरकारी खरीद केंद्रों में बेचने के बेचैन है पर मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में खरीदी प्रारंभ नहीं हो सकी है जिससे किसान बहुत परेशान नजर आ रहा ,।शादियों का दौर इस समय जोरो पर है पर किसान के हाथों में पैसा ही नहीं है सोसाइटी में खरीदी शुरू नहीं होने के कारण उसे अपनी फसल कम कीमत पर बेचकर काम चलाना पड़ रहा है ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। बरगी में तो खरीदी केंद्र ही नहीं है +++ बरगी ग्राम एक बड़ा कस्बा ग्राम है ओर विधानसभा का मुख्यालय भी है लेकिन विगत तीन चार सालों से यहां किसी भी प्रकार की फसलों का खरीदी केंद्र ही नहीं है ।बताया जा रहा है कि पूर्व में चना खरीदी के समय तक बरगी मंडी में सभी फसलों की खरीदी होती थी किंतु खरीदी में हुई किसी गड़बड़ी के कारण इस केंद्र को यह कहकर बंद के दिया गया कि समिति डिफाल्टर है ।पता करने पर यह ज्ञात हुआ कि खरीदी के हिसाब किताब में गड़बड़ी के कारण पूरी समिति ही डिफाल्टर घोषित कर दी गई । 4 सालों से जांच जारी है पर प्रशासन इसका आज तक निदान नहीं कर पाई है जिससे बरगी v आसपास के किसान बहुत परेशान है ।।।।।।।।।।।।।बबलू राजपूत ने बैठक में उठाया मुद्दा ++++++++++ तेंदू पत्ता लघुबनोपज के प्रदेश प्रतिनिधि ओर भारत कृषक समाज के पदाधिकारी बबलू राजपूत ने कलेक्टर की बैठक में बरगी सोसाइटी का मुद्द पुरजोर तरीके से उठाया उन्होंने बताया कि विगत वर्षों सुकरी में भी दो केंद्र हुआ करते थे किंतु इस वर्ष बिना किसी कारण के एक केंद्र बंद कर दिया है ।उन्होंने बरगी खरीदी केंद्र को भी पुन केंद्र बनाने हेतु कलेक्टर महोदय से मांग की।कृषक के सभी सदस्य खरीदी चालू नहीं होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी ।
