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गुरू पूर्णिमा पर विशेष,*मानव को पुनर्जन्म देते हैं गुरु : NN81

 गुरू पूर्णिमा पर विशेष,*मानव को पुनर्जन्म देते हैं गुरु*


*बिहारी लाल गुप्ता की रिपोर्ट*



भुईमाड़/सीधी। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील में स्थित पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम जो पूरे देश एवं विदेशो में नशा मुक्ति केंद्र के रूप में पहचान बनाता जा रहा है। भुईमाड़ सहित सीधी जिले भर से आए दिन हजारों की संख्या में लोग वहां पहुंच रहे हैं। वहीं हजारों लोग गुरु से दीक्षा ग्रहण कर खुशहाल जीवन जी रहे हैं, देश विदेशों से लोग धर्म सम्राट युग चेतना पुरुष परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के चरणों का आशीर्वाद लेकर जीवन पर्यंत नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प लेने आते हैं।

मानव जीवन के स्थूल शरीर के जनक तो माता-पिता होते हैं लेकिन मानव को महान और उसके कर्तव्य का बोध जब तक गुरु नहीं करते तब तक मानव दिशाहीन भटकता हुआ पशुवत समान होता है। हर मानव के जन्म के पीछे को ईश्वर द्वारा एक लक्ष्य दिया जाता है जिसे गुरु ही बता सकते हैं। जितने भी महापुरुष हुए हैं उनके जीवन में गुरुओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है भगवान राम को राम बनाने वाले विश्वामित्र वशिष्ठ अगस्त जैसे गुरुओं का योगदान रहा है वही शिवाजी को भक्ति और शक्ति प्रदान करने वाले रामदास जी महाराज रहे हैं। गुरु ही धर्म और अधर्म में अंतर बताते हैं और धर्म रक्षा के लिए मानव मानव शरीर को भी देवत्व का स्थान दिला देते हैं।

*देश में हो सभी धर्म गुरुओं का परीक्षण जिससे आदि गुरु शंकराचार्य जैसे सर्वश्रेष्ठ गुरु की पहचान*

आज जगह-जगह लोग गुरु स्वरूप में जनता को ठग और लूट रहे हैं जब इस तरह की घटनाएं होती हैं तब कुछ समय तो बातें उठाती है लेकिन इसका कोई समाधान की दिशा में बुद्धिजीवी वर्ग मीडिया संस्थान और राजनेता नहीं बढ़ पाए क्योंकि सबको अपना स्वार्थ सिद्ध करना है वर्तमान में आवश्यकता है एक सर्वश्रेष्ठ गुरु की पहचान वह तभी संभव है जब आदि गुरु शंकराचार्य की तरह परीक्षण हो जिस तरह उन्होंने पूरे धर्म जगत को अपने ज्ञान की चुनौती दी थी और उसके बाद यह कर निकाल कर आया कि आदि गुरु शंकराचार्य ही उसे कल के सर्वश्रेष्ठ गुरु है इस तरह धर्म सम्राट युग चेतना पुरुष परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज का कहना है कि आज ज्ञान की नहीं तपस्या की आवश्यकता है अपने तपोवल से वर्तमान की समस्याओं का समाधान करने में जो सक्षम हो जो मानवता का कल्याण कर सके ऐसे एक आयोजन की आवश्यकता है जिससे भ्रमित और भटकती हुई मानवता को सही मार्ग दिया जा सके।


आज देश में अनेकों धर्मगुरु हैं लेकिन फिर भी मानव समाज अज्ञानता में भटक रहा है कोई नशे की लत में फंसकर अपना जीवन बर्बाद कर रहा है तो कोई अपराध की दुनिया में फसता जा रहा है, कोई भ्रष्टाचार को ही जीवन का लक्ष्य मान बैठा है जो कोई निरीह पशु पक्षियों को मारकर खा रहा है और उसका परिणाम यह है कि अनेकों परिवार अशांत है तनावग्रस्त है आए दिन लोगों के घरों में घरेलू हिंसा में महिलाएं मारी जा रही हैं समाज दिशाहीन होकर गलत दिशा में बढ़ता जा रहा है लेकिन अधिकांश गुरु शिष्यों से चरण वंदन करवाना और दान दक्षिणा लेना ही अपना कर्तव्य समझते हैं लेकिन वह यह नहीं देखते कि यह हमारा शिष्य कैसा जीवन जी रहा है कहीं वह गलत दिशा में तो नहीं बढ रहा, कहीं वह भ्रष्टाचार करके मुझे दक्षिणा नहीं दे रहा, कहीं वह नशा करके अपने पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट तो नहीं कर रहा, सत्ता में बैठे नेता जनता को कहीं जहर तो नहीं पिला रहे ? अगर वर्तमान के तमाम धर्मगुरु इन विषयों पर ध्यान दें तो भारत में अपराध का प्रतिशत कम होने लगेगा एवं भारत देश पुनः से सोने की चिडिय़ा बन सकता है।


*गुरु का जीवन केवल पूजा पाठ नहीं बल्कि सामाजिक उत्थान भी है*

गुरु शब्द आता है तो सबके मन में केवल यही भाव आता है कि गुरु तो केवल पूजा पाठ करना ही सिखाते हैं लेकिन वास्तव में गुरु वही है जो भटके हुए मानव को मानव बना दे जो दिशा विहीन समाज को एक सही दिशा दे दे और यह कार्य आसान नहीं है जब समाज में कुछ गलत हो रहा हो और उसका विरोध किया जाता है तो कहीं ना कहीं संघर्षों का सामना करना पड़ता है और उन्हें संघर्षों का सामना करके ही दिशा विहीन समाज को एक सही दिशा दी जा सकती है।

*श्री शक्तिपुत्र जी महाराज ने शुरू की सामाजिक क्रांति जिसका असर भारत के साथ विदेशों में भी*

जब जब मानव समाज भटका है तब तक धर्मगुरुओं ने ही उसे दिशा दी है आज जिस तरह से समाज भटक रहा है, उसे सही दिशा देने के लिए धर्म सम्राट युग चेतना पुरुष परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज ने एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत की है, जिसके लिए वह दिन-रात साधना रत रहते हैं और समाज कल्याण के लिए उन्होंने 108 महाशक्ति यज्ञो का संकल्प लिया है एक यज्ञ में 11 दिन लगते हैं और सब यज्ञो की श्रंखला प्रारंभ होने जा रही है। श्री शक्तिपुत्र जी महाराज ने भगवती मानव कल्याण संगठन का गठन करके पूरे देश में नशा मुक्ति अभियान चला रहे हैं और अब तक करोड़ों लोगों को नशा मुक्त जीवन प्रदान किया है। जहां नशे से आज घर परिवार टूट रहे हैं महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार हो रही है वही भगवती मानव कल्याण संगठन ने पूरे देश में नशा मुक्ति की अलख जगह दी जिसका असर है कि आज जगह-जगह पर महिलाएं शराब के विरोध में सड़कों पर उतर रही हैं  वही मांसाहार मुक्ति का भी अभियान चलाया जा रहा है, आज मांसाहार से प्रकृति असंतुलित हो रही है निरीह जीव-जंतुओं को लोग मारकर खा रहे हैं जिसका असर जलवायु परिवर्तन के रूप में भी देखा जा रहा है। भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता पूरे देश में वर्ष भर में वृक्षारोपण अभियान से भी जुड़े हुए हैं वह गायों का संरक्षण संवर्धन भी बड़े स्तर पर संगठन द्वारा किया जा रहा है।


*गुरु से ऐसा प्रेम की समाज कल्याण के लिए एक आवाज में उठ खड़े होते हैं करोड़ों लोग*

आज जहां अधिकांश लोगों के अंदर स्वार्थ और लोभ बड़े स्तर पर देखा जाता है, कोई भी व्यक्ति बिना धन की कामना के कुछ भी करने वाला नहीं है वही श्री शक्तिपुत्र जी महाराज की एक आवाज में धर्म रक्षा राष्ट्र रक्षा और मानवत की सेवा में लाखों-करोड़ों शिष्य उठ खड़े होते हैं। कोरोना काल में जहां लोग घर से निकलने में डर रहे थे वही महाराज जी के शिष्य देश के हजारों स्थानों में पैदल यात्रियों की भोजन व्यवस्था में लगे हुए थे निस्वार्थ भाव से। महाराज जी के शिष्य सनातन धर्म को मजबूत करने के लिए अब तक देश में करोड़ों स्थान पर निशुल्क अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ करवा चुके हैं,  यह अभियान सतत जारी देश में भगवती मानव कल्याण संगठन पहला ऐसा संगठन है जो इतने बड़े स्तर पर हर वर्ग के लोगों के घरों में धर्म का अलख जगाने के उद्देश्य से निशुल्क अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ का आयोजन करवाया है।

महाराज जी के शिष्य जहां एक तरफ समाज में एक आध्यात्मिक और सामाजिक क्रांति ला रहे हैं वहीं दूसरी तरफ नशा विरोधी अभियान भी चला रहे हैं, आज पूरे देश के युवा नशे की जद में फंसते जा रहे हैं माता-पिता बच्चों को लेकर चिंता ग्रस्त हैं कि कहीं मेरे बच्चे को नशे की लत ना लग जाए वही जिनके बच्चे नशे की जद में फंस चुके हैं वह सोच रहे हैं कैसे उनका नशा छूटे लेकिन एक तरफ जहां संगठन नशा मुक्ति अभियान चला रहा है वही नशा विरोधी अभियान के तहत अब तक लगभग 5000 से अधिक नशे के अवैध व्यापार को पकड़ाया है और पुलिस प्रशासन से जब्ती बनवा कर कानूनी कार्यवाही कराई है।

महाराज जी जिस तरह से अपने शिष्यों से प्रेम करते हैं उसी तरह उनके शिष्य भी अपने गुरु वचनों को पूरा करने के लिए समाज सेवा के कार्य में लगे हुए हैं और श्री शक्तिपुत्र जी महाराज उसी को अपना शिष्य बनाते हैं जो नशे मांस से मुक्त चरित्रवान जीवन जीने का संकल्प लेकर लोक कल्याण की भावना और जीवन में कभी भी भ्रष्टाचार और चोरी जैसे अपराध ना करें महाराज जी का कहना है कि, मैं भेड़ बकरियों का समूह शिष्यो के रूप में एकत्र नहीं करना चाहता, मैं अपनी तपस्या ऊर्जा और समय दिशाविहीन भीड में नहीं खर्च करना चाहता महाराज जी का कहना है कि मैं अपनी चेतना तरंगों से ही कार्य करता हूं और जो शिष्य मेरे विचारों का पालन करता है मैं उसके साथ सूक्ष्म रूप से रहता हूं जिसका प्रमाण है कि मेरे शिष्य शराब माफियाओं से भी नहीं डरते और उन्हें कानून के दायरे में लाकर मानव समाज को नशे के जहर से बचाने का काम कर रहे हैं।

सीधी जिले में आज सैकड़ों स्थानों पर आयोजित होगा अखंड श्री दुर्गा चालीसा का पाठ जिसमें लोगों को गुरुद्वारा बताएं नशेमान से मुक्त चरित्रवान होने का संकल्प दिलाया जाएगा।

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