पवित्र रमजान माह
6 अप्रैल को बड़ा रोजा, नमाज के साथ ही अमन, भाईचारा का संदेश, मासूम बच्चों द्वारा भी रोजे रखते है।
रिपोर्ट राजीव गुप्ता आष्टा जिला सीहोर एमपी
आष्टा। मुस्लिम समाज का पवित्र रमजान माह 12 मार्च से प्रारंभ हो चुका है ।6 अप्रैल को बड़ा रोजा शब - ए- बरात के साथ संभवतः 10 अप्रैल को ईद की मिठास के साथ पूरा होगा ।ईद -उल -फितर की नमाज के साथ ही अमन भाईचारा का संदेश मुस्लिम समाज की ओर से दिया जाएगा। नगर के रईस खान उर्फ थानेदार भाई के छोटे-छोटे पौते एवं पौती सुफियान खान पिता अमीन खान ,ऊमे सुलेम खान पिता मोहसिन खान, मुसा खान पिता शोएब खान रोजे रख रहे हैं।
समाज के परवेज जावेद अली एवं राहत अली ने बताया कि मुस्लिम धर्म संस्कृति में रमजान का पवित्र माह निःसंदेह इबादत, रोजा नमाजों के इर्द गिर्द ही रहता है। अल सुबह 4 बजे से नमाज का दौर शुरू होकर देर रात तक रहता है। पांचों वक्त की नमाज के साथ-साथ तरावीह की नमाजों में भी पूरा समाज इस पवित्र माह में अपना पूरा समय लगता है। रोजे रखना या भूखे रहने का तात्पर्य उन गरीबों के भूख से बिलखते बच्चे, यतीम एवं बेसहारा बच्चों की भूख का अहसास भी यह करवाता है ।इसलिए इस माह में मुस्लिम समाजजन जिन्हें काबिल और सक्षम बनाया है, वह अपनी आय का ढाई प्रतिशत जकात या दान के रूप में गरीबों को देते हैं। रमजान माह के 21, 23, 25 ,27 या 29 वीं रात में कोई एक रात सबसे मुकद्दस रात मानी जाती है। बताया जाता है कि कुछ बालिग लोग 10 से लेकर पूरे 30 दिन तक सिर्फ मस्जिदों में ही रहते हैं और वहां रात - दिन इबादत करते हैं। रविवार को 12 वां रोजा रखा गया।

