विश्व स्तनपान सप्ताह: शिशु स्वास्थ्य और स्तनपान को बढ़ावा देने में पुरुषों की सहभागिता पर दिया गया विशेष जोर
विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त 2026) के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग और 'विकास संवाद' संस्था के संयुक्त समन्वय से ग्रामीण स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम नोन्हेटा खुर्द (कोल्हापुर उपसिल) में आयोजित विशेष कार्यक्रम में धात्री माताओं, गर्भवती महिलाओं और पुरुषों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान बाजार में मिलने वाले मां के दूध के विकल्पों, फीडिंग बोतलों और शिशु आहार के अनुचित प्रचार-प्रसार तथा प्रोत्साहन को रोकने पर विस्तार से चर्चा की गई।
आज के कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु स्तनपान और शिशु स्वास्थ्य में पुरुषों की सहभागिता रहा, जिसमें आंगनवाड़ी, आशा और विकास संवाद के कार्यकर्ताओं ने बताया कि दूध पिलाने वाली माताओं को घरेलू कामों में पुरुषों का सहयोग मिलना अत्यंत आवश्यक है। यदि पुरुष घर के कार्यों में हाथ बंटाते हैं, तो मां बच्चे को पर्याप्त समय देकर सही तरीके से स्तनपान करा सकती है। साथ ही, धात्री और गर्भवती माताओं के खान-पान एवं पोषण युक्त भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी पुरुषों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। लगभग 80 से 85 ग्रामीणों की उपस्थिति वाले इस कार्यक्रम में सभी ने बच्चों के तंदुरुस्त भविष्य के लिए माताओं की देखभाल और स्तनपान को बढ़ावा देने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

