महाराष्ट्र , अहिल्यानगर
संवाददाता - जयप्रकाश बागडे
महाराष्ट्र सरकार की राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज वरिष्ठ साहित्यकार और कलाकार मानधन सम्मान योजना को वृद्ध कलाकार मानधन योजना के नाम से जाना जाता है। इस योजना के तहत पात्र वरिष्ठ साहित्यकारों और कलाकारों को हर महीने पांच हजार रुपये मानदेय के रूप में दिए जाते हैं। बढ़ती महंगाई के दौर में यह पांच हजार रुपये मानदेय काफी नहीं है, बल्कि इस मानदेय को बढ़ाकर दस हजार रुपये किया जाना चाहिए। अहिल्यानगर जिला बड़ा होने के कारण मानदेय यानी इष्टांक के लिए चयन सीमा कम से कम पांच सौ की जानी चाहिए।' ऐसी मांग अहिल्यानगर MLA संग्राम भैया जगताप से की गई, और उन्हें हमारी मांगों पर विचार करना चाहिए और आने वाले सत्र में इस संबंध में आवाज उठानी चाहिए। गोंधली समाज संगठन के स्टेट प्रेसिडेंट और आर्टिस्ट मानधन सम्मान योजना के नॉन-ऑफिशियल मेंबर दशरथ नारायण धुमाल ने ऐसी मांग की है।
भारतीय संस्कृति का महान खजाना और महान सामाजिक ज्ञान का काम लोक कलाकार करते हैं। मौजूदा महंगाई के दौर में सरकार मानदेय के तौर पर पांच हजार रुपये देती है, लेकिन यह बहुत कम है। इसलिए, उनका मानदेय बढ़ाने के लिए कल्चरल स्टेटमेंट दिया जाएगा। लोक कलाकारों द्वारा मानदेय बढ़ाने की मांग बड़ी सहानुभूति और गंभीरता से की जा रही है।


