संवादाता : संजय डगवाल
असुरक्षित ट्रांसफार्मर बना खतरा, गाय की मौत के बाद एक व्यक्ति को लगा करंट; ग्रामीणों ने बचाई जान :
नलखेड़ा। नलखेड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दावतपुर के बसिया गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते ग्रामीणों और मवेशियों की जान पर लगातार खतरा मंडरा रहा है
गांव में लगा बिजली का ट्रांसफार्मर असुरक्षित स्थिति में है और उसके आसपास करंट फैलने की शिकायत लंबे समय से की जा रही है
ट्रांसफार्मर के आसपास नंगे बिजली के तार मकड़ी के जाल की तरह फैले हुए हैं। वहीं ट्रांसफार्मर के बिल्कुल पास से एक नाला भी गुजरता है, जिससे बरसात के दिनों में पानी भरने और करंट फैलने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय पहले ट्रांसफार्मर के पास फैले करंट की चपेट में आने से एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं हाल ही में एक व्यक्ति भी करंट की चपेट में आ गया, लेकिन मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बचा लिया।
इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग ट्रांसफार्मर के पास जाने से भी डर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब भी घरेलू बिजली की फेज बदलने या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए ट्रांसफार्मर के पास जाना पड़ता है, तब करंट लगने का खतरा बना रहता है। ट्रांसफार्मर के पास से गुजरने वाला नाला भी खतरे को और बढ़ा देता है।
बरसात के दौरान पानी भरने की स्थिति में करंट फैलने की आशंका बनी रहती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों और मवेशियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों को मौखिक रूप से दी गई, लेकिन आज तक न तो ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया और न ही आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए। विभाग की इस उदासीनता से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने सौंपा आवेदन
बसिया गांव के ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता एवं सहायक अभियंता के नाम लिखित आवेदन देकर ट्रांसफार्मर को तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने, नंगे तारों को व्यवस्थित करने तथा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और कोई जनहानि हुई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
अधिकारियों से नहीं हो सका संपर्क
इस संबंध में बिजली विभाग का पक्ष जानने के लिए संवाददाता ने विभाग के कार्यपालन अभियंता एवं सहायक अभियंता से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक बिजली विभाग के दोनों अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया।
इसलिए इस मामले में विभाग का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप कर जल्द कार्रवाई कराने की मांग की है। उनका कहना है कि एक गाय की मौत और एक व्यक्ति के करंट की चपेट में आने के बाद भी यदि विभाग नहीं जागता, तो यह गंभीर लापरवाही होगी। ग्रामीणों का सवाल है
कि क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? अब देखना यह होगा कि विभाग इस गंभीर समस्या का समाधान कब तक करता है या फिर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही व्यवस्था सुधरेगी।

