रिपोर्ट: सतीश काले.
वर्धा जिले के हिंगणघाट तहसील में बूस्टर और अन्य सोयाबीन बीज कंपनियों के बीजों को लेकर किसानों की शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। तहसील स्तरीय शिकायत निवारण समिति ने विभिन्न गांवों में खेतों का दौरा कर फसलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। जांच के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिंगणघाट तहसील के सिरुड, वेला, वनी, अलीपुर, चानकी, कानगांव, पवनी, दौलापुर, मोजरी, शेकापुर, गांगापुर और कोसुरला गांवों में समिति ने किसानों के खेतों का निरीक्षण किया। इस दौरान बीजों के अंकुरण, फसल की स्थिति तथा किसानों द्वारा बताई गई समस्याओं का बारीकी से परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान उपविभागीय कृषि अधिकारी एवं तहसील स्तरीय शिकायत निवारण समिति के अध्यक्ष स्वप्निल तोरणे, कुटकी अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत मगरे, तहसील कृषि अधिकारी सचिन सुतार, महाबीज के प्रतिनिधि गावंडे, बूस्टर कंपनी के तहसील प्रतिनिधि हिंगे, कृषि अधिकारी राजेंद्र अंबुलकर, मंडल कृषि अधिकारी शुभ्रकांत भगत, शिकायतकर्ता किसान तथा ग्रामीण मौजूद रहे।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान दर्ज किए गए तथ्यों के आधार पर संबंधित बीज कंपनी के खिलाफ प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित बीज कंपनी से विभिन्न दस्तावेज भी मांगे जा रहे हैं। सोयाबीन फसल के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

