संवाददाता : निर्मल विश्वकर्मा
वन विभाग की बेदखली कार्रवाई के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, दी सत्याग्रह आंदोलन की चेतावनी :
बरगी (जबलपुर)। उप-तहसील बरगी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सहजपुरी के ग्राम पारा में नारंगी (राजस्व) भूमि पर वन विभाग द्वारा की जा रही बेदखली की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश पनप रहा है। पीड़ित ग्रामीणों ने शुक्रवार (10 जुलाई) को नायब तहसीलदार के माध्यम से जबलपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर वन विभाग की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने और पट्टे प्रदान करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इस दमनकारी कार्रवाई को नहीं रोका गया, तो वे उग्र 'वन अधिकार सत्याग्रह आंदोलन' के लिए मजबूर होंगे।
तीन पीढ़ियों से कर रहे हैं खेती, फसल उजाड़ने का आरोप:
कलेक्टर को भेजे शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि वे ग्राम पारा के मूल निवासी हैं और उनके परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से इस नारंगी भूमि पर खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि पहले राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज थी (पटवारी हल्का नंबर 135) और उन्होंने वर्ष 1990, 1991, 1994 और 1995 में इसका जुर्माना भी चुकाया है, जिसकी रसीदें और शासन द्वारा दिए गए बही-पट्टे उनके पास सुरक्षित हैं। इसके बावजूद वन विभाग द्वारा वन अधिकार अधिनियम 2006 की सरेआम अवहेलना करते हुए उनकी खड़ी फसलों को उखाड़ा जा रहा है, गड्ढे खोदकर जबरन वृक्षारोपण किया जा रहा है और विरोध करने पर ग्रामीणों के साथ मारपीट व कानूनी कार्रवाई की धमकियां दी जा रही हैं।
दिए जा चुके हैं आवेदन, जनप्रतिनिधियों तक पहुँचा मामला:
ग्रामीणों का कहना है कि वे मध्य प्रदेश शासन के आदेशानुसार वन अधिकार समिति और ग्राम पंचायत में ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अपने दावों की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव (जनजातीय कार्य विभाग), जबलपुर सांसद और बरगी विधानसभा क्षेत्र (96) के क्षेत्रीय विधायक को भी त्वरित कार्रवाई हेतु प्रेषित की है। ज्ञापन सौंपने वालों में वन अधिकार समिति ग्राम पारा के अध्यक्ष/सचिव सहित बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर कर विरोध दर्ज कराया।
संवाददाता निर्मल विश्वकर्मा बरगी

