ऑटो चालकों की मनमानी पर प्रशासन की बैठकें बेअसर, नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां :
भीलवाड़ा शहर को नगर निगम का दर्जा मिलने और टेक्सटाइल सिटी की सूरत बदलने के दावों के बीच शहर की यातायात व्यवस्था की जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। शहर के विभिन्न मार्गों पर दौड़ रहे ऑटो चालक खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। कई ऑटो चालक बिना यूनिफॉर्म के वाहन दौड़ा रहे हैं, जबकि प्रशासनिक बैठकों में यूनिफॉर्म अनिवार्य करने के निर्देश कई बार दिए जा चुके हैं।
बैठकें हुईं, निर्देश दिए गए... लेकिन अमल नहीं
जिला प्रशासन, यातायात विभाग और जिला परिवहन विभाग की ओर से टेंपो यूनियन के साथ कई बार बैठकें की जा चुकी हैं। बैठकों में ऑटो चालकों के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य करने सहित यातायात नियमों की पालना के निर्देश दिए गए, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन की बैठकें अब महज खानापूर्ति बनकर रह गई हैं।
अनफिट ऑटो और दस्तावेजों का अभाव
शहर की सड़कों पर कई खस्ताहाल और अनफिट ऑटो धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। ये ऑटो न केवल प्रदूषण बढ़ा रहे हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। वहीं, चेकिंग के दौरान कई चालकों के पास वाहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों का अभाव सामने आने की बात भी सामने आती रही है। इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सवारियों से अभद्र व्यवहार के आरोप
सवारियां बैठाने की होड़ में कई ऑटो चालक झगड़ालू रवैया अपनाते हैं और यात्रियों से अभद्र भाषा में बात करने के आरोप भी सामने आते हैं। वहीं, बिना यूनिफॉर्म और अशिष्ट पहनावे के कारण आमजन, खासकर महिलाओं और छात्राओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।
शहरवासियों का कहना है कि जब प्रशासनिक बैठकों में नियम तय किए जा चुके हैं तो वर्षों बाद भी ऑटो चालकों पर यूनिफॉर्म लागू क्यों नहीं हो पाई, यह बड़ा सवाल है। लोगों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से शहर में सघन चेकिंग अभियान चलाकर अनफिट ऑटो और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

