सीएमएचओ डॉ.अविनाश खरे की संवेदनशील पहल, दूरस्थ गांव में पहुंची हेल्थ टीम, बीमार बुजुर्ग दंपत्ति का घर पर हुआ उपचार, निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराईं :
एमसीबी/03 जुलाई 2026/ सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। विकासखंड भरतपुर के दूरस्थ ग्राम पंचायत धोवाताल के आश्रित ग्राम मनटोलिया (बरेल) में रहने वाले बुजुर्ग दंपत्ति समयलाल पंडो एवं उनकी पत्नी रूक्मन पंडो के गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल विशेष स्वास्थ्य टीम को उनके घर भेजने के निर्देश दिए।
घर पहुंची स्वास्थ्य टीम, मौके पर ही शुरू किया उपचार
सीएमएचओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल बुजुर्ग दंपत्ति के निवास पहुंची, जहां दोनों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकीय जांच के बाद उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप आवश्यक उपचार शुरू किया गया तथा मौके पर ही निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। टीम ने परिजनों को दवाओं के नियमित सेवन और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी। उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं समयलाल पंडो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि समयलाल पंडो उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य टीम द्वारा उनका रक्तचाप परीक्षण किया गया तथा आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा पूर्व से ही उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की जाती रही है और आगे भी यह व्यवस्था जारी रहेगी।
डॉ. खरे ने बताया कि रूक्मन पंडो पूर्व में कुष्ठ रोग से ग्रसित थीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों से उनका उपचार सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। वर्तमान में उन्हें उम्र जनित स्वास्थ्य समस्याओं के लिए चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं।
नियमित निगरानी के सख्त निर्देश
बुजुर्ग दंपत्ति को भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सीएमएचओ ने संबंधित चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से उनके घर का भ्रमण करें। साथ ही दोनों की स्वास्थ्य स्थिति पर सतत निगरानी रखने और समय पर दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि उन्हें उपचार के लिए किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य विभाग की इस त्वरित, मानवीय और संवेदनशील पहल की क्षेत्र के ग्रामीणों ने सराहना करते हुए इसे जरूरतमंदों के प्रति प्रशासन की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया ।

