मुख्यमंत्री के दौरे से पहले अरनिया कला में कॉलेज की मांग फिर हुई तेज, 25 वर्षों से लंबित मांग, 50 गांवों के विद्यार्थियों को मिलेगी राहत की उम्मीद :
शाजापुर जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायतों में शामिल अरनिया कला में शासकीय महाविद्यालय की करीब 25 वर्षों से लंबित मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। 8 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कालापीपल दौरे से पहले क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने अरनिया कला में कॉलेज खोलने की मांग तेज कर दी है। लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री क्षेत्र को महाविद्यालय की सौगात दे सकते हैं।
करीब 10 हजार से अधिक आबादी वाला अरनिया कला शिक्षा, व्यापार और प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। यहां पहले से ही जवाहर नवोदय विद्यालय, उप तहसील कार्यालय, कृषि उपज उप मंडी, महर्षि सांदीपनि विद्यालय, 132 केवी विद्युत ग्रिड सहित पांच हायर सेकेंडरी विद्यालय संचालित हैं। साथ ही यह क्षेत्र आसपास के लगभग 50 गांवों के लिए शिक्षा और व्यापार का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इसके बावजूद आज तक यहां शासकीय महाविद्यालय की स्थापना नहीं हो सकी है।
महाविद्यालय नहीं होने के कारण हर वर्ष सैकड़ों छात्र-छात्राओं को 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए शुजालपुर, आष्टा, पोलायकला, सीहोर और अन्य दूरस्थ शहरों का रुख करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई विद्यार्थी आवागमन और खर्च के कारण बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे क्षेत्र की प्रतिभाएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।
महाविद्यालय की मांग को लेकर अक्टूबर माह में ग्राम पंचायत अरनिया कला की सरपंच श्रीमती रजनी कमल चंद्रवंशी ने क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चंद्रवंशी को मांग पत्र सौंपा था। विधायक ने भी इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर प्रयास करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद गत माह सरपंच श्रीमती चंद्रवंशी ने भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री कार्यालय में भी मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में क्षेत्र की जनसंख्या, शैक्षणिक आवश्यकताओं और आसपास के ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए शीघ्र महाविद्यालय स्वीकृत करने की मांग की गईं थीं
सरपंच ने जताई उम्मीद
सरपंच श्रीमती रजनी कमल चंद्रवंशी ने कहा, "अरनिया कला में कॉलेज नहीं होने के कारण अनेक छात्र-छात्राएं 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते। हमने पहले विधायक घनश्याम चंद्रवंशी को मांग पत्र सौंपा था और बाद में मुख्यमंत्री कार्यालय में भी अपनी बात रखी। 8 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कालापीपल आ रहे हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि वे क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए अरनिया कला को महाविद्यालय की सौगात देंगे।"
छात्रा ज्योति,गरीमा, तानिया सहित ग्रामीण मुंशी लाल, देव करण,लालजीराम कमल कुमार का कहना है कि यदि अरनिया कला में शासकीय महाविद्यालय की स्थापना होती है तो न केवल स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि आसपास के 50 से अधिक गांवों के हजारों विद्यार्थियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और छात्राओं की उच्च शिक्षा की राह भी आसान होगी।

