पंचायत समिति सहाड़ा के ग्राम सालेरा की दलित एवं आदिवासी बस्तियों में जलभराव, कीचड़ और गंदगी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की है। ज्ञापन डॉ. भीमराव अंबेडकर युवा संगठन संस्था रायपुर के तहसील अध्यक्ष ज्ञानचंद खटीक के नेतृत्व में दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि बस्तियों की गलियों और रास्तों में लंबे समय से गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर रास्ते क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका है। बरसात के मौसम से पहले ही हालात गंभीर बने हुए हैं।
ज्ञापन में प्रशासन से जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान, नालियों की सफाई, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, फॉगिंग एवं मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने तथा स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग की गई। साथ ही बस्तियों में पक्की नालियों और सड़कों के निर्माण की स्वीकृति देने की भी मांग उठाई गई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो जनआंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान ज्ञानचंद खटीक, मुकेश सालवी, राजकुमार रेगर, दिव्यांश बोरीवाल, नारायण लाल जैलिया, भैरूलाल रेगर, उदयलाल भील, प्रकाश खटीक, लोकेश सैन सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
भीमराव अंबेडकर युवा संगठन मोखुंदा के मीडिया प्रभारी मोहम्मद अशरफ रंगरेज ने कहा कि दलित एवं आदिवासी बस्तियों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है। प्रशासन को मामले में तत्काल संज्ञान लेकर ग्रामीणों को राहत प्रदान करनी चाहिए।
