रामायण कालीन 84 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित महादेव घाट की पवित्रता एवं विकास को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। दो दिवसीय आमरण अनशन के बाद अयोध्या जिले का प्रशासन अनदेखी करने के बाद शुक्रवार शाम श्रीराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश सिंह एवं अन्य साथी मंदिर की मिट्टी का कलश एवं पवित्र जल लेकर मुख्यमंत्री आवास के लिए रवाना हो गए...
अनशनकारियों की दो प्रमुख मांगें हैं महादेव घाट के समीप संचालित मछली मंडी को तत्काल हटाया जाए तथा नगर पंचायत गोसाईगंज का विस्तार कर महादेव घाट को नगर क्षेत्र में शामिल किया जाय...
जिससे धार्मिक स्थल का संरक्षण और समुचित विकास सुनिश्चित हो सके...
आंदोलन के बीच प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कोतवाली गोसाईगंज के कार्यवाहक अधिकारी ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक अवकाश पर हैं तथा उन्हें आंदोलन की विस्तृत जानकारी नहीं है...
बड़ी बात...
महादेव घाट को प्रभु श्रीराम की प्रथम रात्रि विश्राम स्थली बताया जा रहा है।
दो दिन के अनशन के बाद आंदोलन ने नया मोड़ लिया...
मांगों पर प्रशासनिक कार्रवाई न होने से समर्थकों में नाराजगी...
अब निगाहें शासन और जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं...
महादेव घाट की पुकार लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे दिनेश सिंह,एस एन विश्वकर्मा, केदारनाथ सिंह एवं अन्य पदाधिकारी तथा पत्रकार बंधु प्रशासन की चुप्पी पर उठाएं सवाल...
दो दिन का अनशन,फिर बाबा के यहां कूच...
महादेव घाट को लेकर बढ़ा आंदोलन”
“धार्मिक आस्था बनाम मछली मंडी! महादेव घाट मुद्दे पर तेज हुआ संघर्ष”
महादेव घाट के लिए राजधानी मार्च, शासन के दरवाजे तक पहुंची मांग...
राजेंद्र प्रताप सिंह
