जबलपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है। शहर की क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस ने मिलकर एक बड़े अंतरराज्यीय नशीले इंजेक्शन नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हजारों की संख्या में घातक और प्रतिबंधित इंजेक्शनों का जखीरा बरामद किया है, जो उत्तर प्रदेश से लाकर यहाँ खपाया जा रहा था। मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को दबोचा है, जिनमें मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव भी शामिल हैं।
जबलपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मुस्तैदी दिखाते हुए शहर में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया, जिसके तहत दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बड़ी गिरफ्तारियां हुईं। पहली कार्रवाई बेलबाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई, जहाँ पुलिस ने एक ऑटो चालक को संदिग्ध हालत में रोककर चार पेटियां जब्त कीं। जब पेटियों की तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए; उनमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन भरे थे। कड़ाई से पूछताछ करने पर इस पूरे सिंडिकेट की कड़ियां एक-एक कर खुलती चली गईं। ऑटो चालक से शुरू हुई कड़ियां हनुमानताल के आरिफ, गोहलपुर के अमजद और फिर ओमती के एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव अशरफ तक जा पहुँचीं। पुलिस ने जब अशरफ को हिरासत में लिया, तो उसने मदन महल के रहने वाले एक और एमआर सौरभ नामदेव का नाम उगला, जो सीधे उत्तर प्रदेश से नशीले इंजेक्शनों की यह बड़ी खेप लगातार जबलपुर मंगवा रहा था।
इस गिरोह से कुल 3,400 नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए, जिनमें 2,000 इंजेक्शन 'बुप्रिनोर्फिन' और करीब 1,200 इंजेक्शन 'एविल' के शामिल थे। वहीं दूसरी तरफ, पुलिस की एक और टीम ने अधारताल थाना क्षेत्र में दबिश देकर गीतांशु साहू नाम के एक शख्स को धर दबोचा। गीतांशु के पास से भी पुलिस को भारी मात्रा में अवैध नशे का जखीरा मिला। उसके कब्जे से लगभग 2,300 एविल और 1,100 बुप्रिनोर्फिन के इंजेक्शन बरामद किए गए, जिसे मिलाकर कुल संख्या 3,400 पहुँच गई। दोनों ही मामलों को मिलाकर पुलिस ने करीब 6,800 से ज्यादा खतरनाक इंजेक्शन जब्त कर शहर के युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वाले इस बड़े नेटवर्क की रीढ़ तोड़ दी है।
बाइट जितेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी क्राइम, जबलपुर
